जींद : मोबाइल की लत छुड़ा कर बच्चों को निपुण बना रहा शिक्षा विभाग का पेरेंट एप

 


जींद, 28 जून (हि.स.)। आधुनिक दौर में जहां स्मार्टफोन और मोबाइल की लत बच्चों के मानसिक व शारीरिक विकास के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुकी है, वहीं हरियाणा शिक्षा विभाग ने इस चुनौती को एक बड़े अवसर में बदल दिया है। ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़े रखने और उन्हें खेल-खेल में सिखाने के लिए शुरू किया गया निपुण पेरेंट एप प्रदेशभर में मील का पत्थर साबित हो रहा है। इस एप के माध्यम से प्राथमिक कक्षाओं के बच्चे न केवल तकनीकी का सही उपयोग सीख रहे है, बल्कि अपने माता-पिता के कार्यों में हाथ बंटाते हुए व्यावहारिक जीवन का ज्ञान भी हासिल कर रहे हैं। शिक्षा विभाग की इस अनूठी पहल से अभिभावकों के चेहरे पर खुशी साफ देखी जा सकती है।

जिला समन्वयक (एफएलएन) राजेश वशिष्ठ ने बताया कि शिक्षा विभाग ने विशेष रूप से कक्षा दूसरी और तीसरी के छात्र-छात्राओं के लिए निपुण पेरेंट एप को लागू किया है। इस ऐप को तैयार करने के पीछे मुख्य उद्देश्य बच्चों को स्वयं करके सीखने के लिए प्रेरित करना है। इसके साथ ही बच्चों को किताबी ज्ञान से बाहर निकाल कर दैनिक जीवन की व्यावहारिक जानकारियों से अवगत करवाना है। जिले में बालवाटिका में 3102 बच्चे, पहली में 5349, दूसरी में 5835, तीसरी में 5227, चौथी में 5216, पांचवी में 7272 बच्चे पढ़ रहे हैं। इन बच्चों को निपुण बनाने के लिए जमीनी स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

पेरेंट एप डाउनलोडिंग में अभिभावकों ने दिखाई भारी रुचि

निपुण पेरेंट ऐप को लेकर केवल विभाग ही गंभीर नही है बल्कि अभिभावकों ने भी इसमें बढ़चढ़ कर रुचि दिखाई है। जिला समन्वयक राजेश वशिष्ठ ने बताया कि कक्षा दूसरी और तीसरी के बच्चों के 2,538 अभिभावकों ने अबतक अपने मोबाइल में पेरेंट एप को डाउनलोड कर बच्चों को विभिन्न प्रकार की ज्ञानवर्धक और मजेदार गतिविधियों से रूबरू करवाया है। इस एप में दी गई गतिविधियां इतनी सरल और आकर्षक हैं कि बच्चे बिना किसी मानसिक दबाव के इन्हें पूरा कर रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा