इन्फ्लुएंजा पर सतर्क हुआ स्वास्थ्य विभाग
-अस्पतालों को जांच-इलाज के निर्देश
-एच1एन1 अब मौसमी इन्फ्लुएंजा का ही हिस्सा
चंडीगढ़, 29 अगस्त (हि.स.)। स्वास्थ्य विभाग मौसमी इन्फ्लुएंजा यानी फ्लू संक्रमण को लेकर अलर्ट मोड में है। विभाग की ओर से सभी सरकारी तथा निजी अस्पतालों को जांच, उपचार और आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने नागरिकों से अपील की है कि वे फ्लू को लेकर घबराएं नहीं, बल्कि जरूरी सावधानियां अपनाएं।
डॉ. मिश्रा ने आम मौसमी फ्लू और एच1एन1 के संबंध में लोगों में बनी आशंकाओं को दूर करते हुए कहा कि एच1एन1 अब मौसमी इन्फ्लुएंजा का ही एक हिस्सा है। इसे नियमित स्वास्थ्य निगरानी व्यवस्था के तहत लगातार देखा और उपचारित किया जाता है। वर्ष 2009 में वायरस के मूल स्रोत के कारण इसे ‘स्वाइन फ्लू’ कहा गया था, लेकिन अब यह मनुष्यों के बीच फैलने वाले मौसमी इन्फ्लुएंजा का ही एक रूप है। इसलिए इसके नाम से भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने बताया कि इन्फ्लुएंजा सांस से जुड़ा एक तीव्र संक्रमण है। इसके प्रमुख लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिर और शरीर में दर्द, ठंड लगना तथा अत्यधिक थकान शामिल हैं। कुछ मामलों में, विशेषकर बच्चों में, उल्टी और दस्त जैसी पेट संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं। अधिकांश लोग समय के साथ स्वयं स्वस्थ हो जाते हैं, लेकिन कुछ लोगों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों, पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा मधुमेह, उच्च रक्तचाप, सांस और हृदय संबंधी बीमारियों से पीडि़त लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। सांस लेने में परेशानी, छाती में दर्द, अत्यधिक कमजोरी अथवा स्वास्थ्य में तेजी से गिरावट होने पर बिना देरी किए चिकित्सकीय सलाह लेने को कहा गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा