मनीषा भनवाला की जीत पर गांव में खुशी की लहर

 


जींद, 31 अक्टूबर (हि.स.)। विश्व चैंपियनशिप में पहली बार गोल्ड मेडल जीतने पर मनीषा भनवाला के गांव सिवाहा में खुशी का माहौल है। भारतीय कुश्ती के इतिहास में सिवाहा की बेटी मनीषा भानवाला ने एक नया अध्याय जोड़ दिया है। अस्ताना में हो रही विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ ही मनीषा विश्व चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गई हैं।

मनीषा ने महिलाओं के 59 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल मुकाबले में अमेरिका की पहलवान एबिगेल नेट को 8-6 से मात देकर गोल्ड अपने नाम किया। शनिवार को भाई रिंकू भनवाला ने कहा कि उनके पिता सुरेश का यही सपना था कि उनकी बेटी गोल्ड मेडल लेकर आए। पूरा परिवार व गांव खुश है। सभी के फोन आ रहे हैं और बधाई दे रहे हैं। रिंकू ने कहा कि जब मनीषा हारती थी तो तब भी सब उसके साथ थे और आज भी साथ हैं।

आज मनीषा की जीत पर पूरे गांव में खुशी का माहौल है। मां मीना देवी ने कहा कि उसकी बेटी मनीषा ने बहुत संघर्ष किया है। इस मुकाम पर पहुंचने के लिए उसने अपने आप को पूरी तरह झोंक दिया था। खेल के लिए उसने घर की कोई शादी भी अटेंड नहीं की है और न ही त्योहारों में घर वालों के साथ शामिल हो पाई। मां ने कहा कि जब छठी कक्षा में थी तो उस समय स्कूल में दौड़ हुई थी। उस दौड़ में मनीषा और उसके भाई रिंकू ने भाग लिया था। इस दौड़ में दोनों भाई व बहन प्रथम आए थे। उस समय उन्हें इनाम के तौर पर कापी व पैन मिले थे, जो उनकी मां मीना देवी ने आज भी संभाल कर रखे हुए हैं। इसके अलावा उनके स्कूल के समय की तख्ती भी संभाल कर रखी हुई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा