हिसार : अंग्रेजी साहित्य समाज, इतिहास और संस्कृति का महत्वपूर्ण दस्तावेज : डॉ. प्रियंका सिंगला

 


हिसार, 30 सितंबर (हि.स.)। राजकीय महिला महाविद्यालय के अंग्रेजी विभाग की

ओर से एमए अंग्रेजी की छात्राओं के लिए रिसर्च मैथडोलॉजी विषय पर विस्तार व्याख्यान

का आयोजन महाविद्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में किया गया। कार्यक्रम में गुरु जम्भेश्वर

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग की चेयरपर्सन एवं शिक्षाविद्

डॉ. प्रियंका सिंगला ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों को संबोधित किया।

डॉ. प्रियंका सिंगला ने बुधवार काे अंग्रेजी साहित्य के संदर्भ में सांस्कृतिक अध्ययन

की अवधारणा को भारतीय ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से जोड़ते हुए विस्तार से

समझाया। उन्होंने कहा कि साहित्य केवल भाषा और रचनात्मक अभिव्यक्ति तक सीमित नहीं है,

बल्कि यह समाज, इतिहास, संस्कृति, परंपराओं, विचारधाराओं और मानवीय अनुभवों का महत्वपूर्ण

दस्तावेज भी है। उन्होंने भारतीय ऐतिहासिक संदर्भों के माध्यम से सांस्कृतिक अध्ययन

और अंग्रेजी साहित्य के पारस्परिक संबंधों पर प्रकाश डाला तथा विद्यार्थियों को शोध

के लिए व्यापक एवं अंतर्विषयक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया।

महाविद्यालय के प्राचार्य सतीश सिंगला ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए

भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को बहुभाषिक ज्ञान का विस्तार

करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि विभिन्न भाषाओं का ज्ञान व्यक्ति के ज्ञान के

दायरे को विस्तृत करता है और विभिन्न संस्कृतियों एवं समाजों को समझने के नए अवसर प्रदान

करता है। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विद्वानों एवं शोधार्थियों सहित अंग्रेजी विभाग

के शिक्षक उपस्थित रहे। अंग्रेजी विभाग की शिक्षिकाओं शालू मोहन एवं डॉ. कमलेश ने कार्यक्रम

का संचालन किया। व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों ने विषय से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं

को नोट किया और वक्ता के साथ संवाद करते हुए शोध एवं सांस्कृतिक अध्ययन के विभिन्न

पहलुओं को समझा। कार्यक्रम से विद्यार्थियों में शोध के प्रति रुचि, आलोचनात्मक चिंतन

तथा साहित्य को व्यापक सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भों में देखने की दृष्टि विकसित करने

में मदद मिली।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर