हिसार : नशा तस्करों की संपत्ति अटैच होगी, अवैध कब्जे भी नहीं बचेंगे
नशे के कारोबार से कमाई गई हर संपत्ति की होगी
जांच, आर्थिक नेटवर्क तोड़ने पर फोकस
हिसार, 04 अगस्त (हि.स.)। जिले में नशा तस्करों
के खिलाफ अब सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उनकी अवैध कमाई और आर्थिक नेटवर्क पर भी सीधा
प्रहार किया जाएगा। जिला स्तरीय एनकॉर्ड समिति की बैठक में उपायुक्त महेंद्र पाल ने
मंगलवार को स्पष्ट निर्देश दिए कि नशा तस्करों की अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को
अटैच किया जाए और उनके अवैध कब्जों की भी विस्तृत जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई
की जाए।
उपायुक्त ने कहा कि नशे के कारोबार को जड़ से
खत्म करने के लिए तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ना जरूरी है। इसलिए केवल एफआईआर दर्ज करने
तक कार्रवाई सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि अवैध संपत्ति और आर्थिक स्रोतों पर भी प्रभावी
कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में पुलिस विभाग ने बताया कि जुलाई माह में जिले में
एनडीपीएस एक्ट के तहत 28 मामले दर्ज किए गए, जिनमें दो मामले कमर्शियल क्वांटिटी से
जुड़े हैं। इसके अलावा आठ आरोपियों की संपत्तियां अटैच करने की कार्रवाई भी की जा चुकी
है।
जिला औषधि नियंत्रक ने बताया कि जुलाई में 98
मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया गया। नियमों के उल्लंघन पर 16 मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस
निलंबित किए गए हैं। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि प्रतिबंधित और नशीली दवाओं की अवैध
बिक्री पर लगातार नजर रखी जाए तथा दोषियों के खिलाफ बिना किसी ढिलाई के कार्रवाई हो। उपायुक्त महेंद्र पाल ने कहा कि नशा मुक्त समाज
का लक्ष्य केवल पुलिस कार्रवाई से हासिल नहीं होगा।
इसके लिए पंचायतों, शिक्षण संस्थानों,
युवा संगठनों और सामाजिक संस्थाओं को साथ लेकर जनजागरूकता अभियान और तेज करना होगा।
उन्होंने अधिकारियों को शहर और गांवों में खाली, जर्जर और कंडम इमारतों की पहचान कर
उन्हें हटाने के भी निर्देश दिए, क्योंकि ऐसे स्थान अक्सर नशाखोरों और असामाजिक तत्वों
के ठिकाने बन जाते हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति
को बख्शा नहीं जाएगा। कानून के दायरे में रहकर हर स्तर पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और
हिसार को नशा मुक्त बनाने के अभियान में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर