हिसार : 24 घंटे की मशक्कत के बाद नहर के कटाव पर पाया काबू, सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न
ग्रामीणों, सिंचाई विभाग और प्रशासन की संयुक्त
कोशिशों से शनिवार दोपहर बाद रोका गया पानी का बहाव
किसानों ने नहर के कमजोर तटबंधों की स्थायी मरम्मत
और फसल खराबे का मुआवजा देने की मांग उठाई
हिसार, 31 अक्टूबर (हि.स.)। जिले के अग्रोहा क्षेत्र
के गांव कालीरावण के पास सिद्धमुख नहर में आए कटाव पर करीब 24 घंटे की कड़ी मशक्कत
के बाद शनिवार दोपहर बाद पूरी तरह काबू पा लिया गया। ग्रामीणों, सिंचाई विभाग के अधिकारियों
और स्थानीय प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से पानी के तेज बहाव को रोकने में सफलता मिली।
हालांकि, नहर टूटने से आसपास के सैकड़ों एकड़ खेत जलमग्न हो गए और खड़ी तथा कटाई के
बाद खेतों में पड़ी धान की फसल पानी में डूब गई। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से फसल
खराबे का पारदर्शी सर्वे करवाकर उचित मुआवजा देने और नहर के कमजोर तटबंधों की स्थायी
मरम्मत करवाने की मांग की है।
ग्रामीणों और सिंचाई विभाग की टीम ने लगातार बचाव
कार्य जारी रखते हुए मिट्टी की बोरियों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की मदद से पानी के बहाव
को रोकने के प्रयास किए। करीब 24 घंटे तक चले अभियान के बाद शनिवार दोपहर बाद कटाव
पर काबू पा लिया गया। इसके बाद आसपास के खेतों में पानी का फैलाव रुकने से राहत मिली।
स्थानीय किसान पूर्व सरपंच प्रभु कस्वां, बेगराज,
मांगेराम, महाबीर और जगदीश ने बताया कि नहर के तटबंध पर पानी का अत्यधिक दबाव बढ़ने
के कारण कटाव हुआ था। इसके बाद पानी तेजी से आसपास के खेतों और निचले इलाकों में फैलने
लगा। ग्रामीणों ने प्रशासन और सिंचाई विभाग की मदद से तुरंत बचाव कार्य शुरू किया।
लगातार प्रयासों के बाद शनिवार दोपहर बाद पानी के बहाव पर काबू पाया जा सका।
किसानों का आरोप है कि सिद्धमुख नहर की पिछले
दो वर्षों से सफाई नहीं हुई है। नहर के तटबंधों पर पेड़ उग आए हैं और उनकी जड़ें अंदर
तक फैलने से तटबंध कमजोर हो गए हैं। किसानों के अनुसार, तटबंध कमजोर होने और पानी का
दबाव बढ़ने के कारण यह स्थिति पैदा हुई।
ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग से नहर की नियमित सफाई
करवाने और कमजोर तटबंधों की पक्की मरम्मत करवाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस
तरह की घटना दोबारा न हो।
किसानों ने मांगा फसल खराबे का मुआवजा
नहर के पानी से सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि में जलभराव
होने के कारण किसानों को भारी नुकसान हुआ है। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से मांग
की है कि खेतों में हुए नुकसान का जल्द और पारदर्शी सर्वे करवाया जाए तथा प्रभावित
किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही नहर के कमजोर तटबंधों को स्थायी रूप
से मजबूत किया जाए।
गौरतलब है कि शुक्रवार दोपहर गांव कालीरावण के
पास से गुजर रही सिद्धमुख नहर में अचानक बड़ा कटाव आ गया था। तटबंध टूटने से पानी तेज
बहाव के साथ आसपास के खेतों और निचले इलाकों में फैल गया था, जिससे सैकड़ों एकड़ फसल
जलमग्न हो गई थी। इसके बाद ग्रामीणों, सिंचाई विभाग और प्रशासन ने संयुक्त रूप से बचाव
अभियान चलाया था।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर