गढ़ी बलिंदा स्कूल हादसे पर मानवाधिकार आयोग सख्त, प्रदेशभर के स्कूलों का होगा सुरक्षा ऑडिट
बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं : गढ़ी बलिंदा स्कूल हादसे पर आयोग ने लिया संज्ञान, निर्देश : मुख्य द्वार, चारदीवारी और छतों की जांच के साथ कराया जाए पुनर्निर्माण
चंडीगढ़, 08 अक्टूबर (हि.स.)। प्रदेश के जर्जर स्कूल भवनों पर हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लेते हुए सुरक्षा आडिट कराने के निर्देश दिए हैं। आयोग की ओर से स्पष्ट हिदायत दी गई है कि तकनीकी एजेंसी से जांच कराने के साथ असुरक्षित और खतरनाक श्रेणी में आने वाले भवनों को कंडम घोषित किया जाए। आयोग की ओर ये यह संज्ञान गन्नौर के गांव गढ़ी बलिंदा स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार का ईंट-कंक्रीट से बना मेहराब ढहने से 11 वर्षीय बच्चे की मौत के मामले पर लिया गया है।
आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ललित बत्रा, सदस्य कुलदीप जैन और दीप भाटिया ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के महानिदेशक, निदेशक प्रारंभिक शिक्षा तथा हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक को प्रदेश के सभी राजकीय प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों की संरचनात्मक सुरक्षा की व्यापक समीक्षा कराने के निर्देश दिए हैं। आयोग के निर्देशों के अनुसार, एचएसएसपीपी के अभियंत्रिकी प्रकोष्ठ के समन्वय से जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों और खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से स्कूलों का निरीक्षण कराया जाएगा। ऑडिट में केवल मुख्य भवन की स्थिति ही नहीं, बल्कि मुख्य प्रवेश द्वार, मेहराब, चारदीवारी, छत और अन्य ऐसी संरचनाओं की भी जांच होगी, जिनसे विद्यार्थियों या कर्मचारियों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
गढ़ी बलिंदा मामले में पुलिस जांच जारी
सुनवाई के दौरान सहायक पुलिस आयुक्त, गन्नौर ने आयोग को बताया कि घटना की जांच जारी है। स्कूल भवन की संरचनात्मक स्थिति तथा मुख्य प्रवेश द्वार के मेहराब के गिरने के कारणों की जांच के लिए उपायुक्त, सोनीपत से समिति गठित करने का अनुरोध किया जा चुका है। आयोग ने पुलिस आयुक्त, सोनीपत को निर्देश दिया कि पुलिस विभाग के जांच अधिकारी को भी इस समिति का सदस्य बनाया जाए। हरियाणा सरकार के विद्यालय शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव और उपायुक्त, सोनीपत को भी पूर्व आदेशों के अनुपालन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। सभी संबंधित अधिकारियों को अगली सुनवाई से कम से कम एक सप्ताह पहले अपनी रिपोर्ट आयोग के समक्ष दाखिल करनी होगी। मामले की अगली सुनवाई 8 दिसंबर 2026 को होगी।
निरीक्षण से लेकर जवाबदेही तक होगी समीक्षा
खंड शिक्षा अधिकारी, गन्नौर की रिपोर्ट के अनुसार घटना से पहले भी स्कूल का निरीक्षण किया गया था। खंड शिक्षा अधिकारी ने 19 मई 2026 को स्कूल परिसर का निरीक्षण किया था, जबकि कनिष्ठ अभियंता ने 22 मई को तकनीकी निरीक्षण किया। इसके बाद 1 जून 2026 को 5.68 लाख रुपये की मरम्मत का अनुमान तैयार किया गया था।
घटना के बाद स्कूल की मरम्मत एवं नवीनीकरण के लिए 26.05 लाख रुपये का नया अनुमान तैयार कर जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी, सोनीपत को भेजा गया। विभागीय जांच रिपोर्ट में उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर घटना से पहले आवश्यक प्रशासनिक और प्रक्रियात्मक कार्रवाई शुरू किए जाने की बात कही गई है। इसके बावजूद आयोग ने खंड शिक्षा अधिकारी, गन्नौर और जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी, सोनीपत से मरम्मत/नवीनीकरण की नवीनतम स्थिति और अब तक की कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट मांगी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा