एचटेट परीक्षाओं में आवेदन से लेकर परिणाम तक गड़बड़झाला:दिग्विजय चौटाला
-1284 एचटेट पास अभ्यर्थियों की क्यों नहीं की गई बायोमेट्रिक जांच और सीसीटीवी फुटेज क्यों की गई डिलीट
चंडीगढ़, 31 जुलाई (हि.स.)। जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने हरियाणा में आयोजित अध्यापक पात्रता परीक्षा (एचटेट) की आवेदन से लेकर परिणाम घोषित करने तक की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए है।
शुक्रवार को चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दिग्विजय ने एचटेट परीक्षाओं की गड़बड़ियों को उठाते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से निष्पक्ष जांच की मांग की है। दिग्विजय चौटाला ने कहा कि जेजेपी ने एचटेट-2024 परीक्षा परिणाम की गड़बड़ियों को समय-समय पर उठाया है। हरियाणा शिक्षा बोर्ड की धांधली पर पर्दा डालने के लिए सेक्रेटरी द्वारा भेजे गए बायोमेट्रिक वाले परिणाम को रोककर उसका तबादला कर दिया गया और बोर्ड द्वारा सिक्योरिटी ऑडिट का बहाना बनाया गया। इसके बाद 1284 नए अभ्यर्थियों को पास किया गया और बड़ी बात ये है कि इन सभी लोगों का आज तक बायोमेट्रिक नहीं किया गया है। दिग्विजय ने कहा कि परीक्षा परिणाम को चोरी-छिपे सुबह चार-पांच बजे जारी किया गया। जब हमने इसके खिलाफ आवाज उठाई तो सरकार में बैठे लोग डर गए और बोर्ड के चेयरमैन को बदल दिया गया ताकि सच सामने ना आ पाए। दिग्विजय ने कहा कि हैरानी की बात ये है कि जिस फर्म की देखरेख में इतनी बड़ी गड़बड़ी हुई थी, उसे ही दोबारा इस वर्ष की परीक्षाओं के लिए जिम्मेदारी सौंपी दी गई है।
दिग्विजय चौटाला ने कहा कि 2 लाख 33 हजार 284 अभ्यर्थियों ने टीजीटी, टीआरटी, पीआरटी के लिए आवेदन किया गया और उन परीक्षाओं में प्रदेशभर में अभ्यर्थियों द्वारा ही बिना सील के पेपर देने का मामला उठाया गया था। इतना ही नहीं परीक्षा का समय दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक था, लेकिन अधिकतर परीक्षा केंद्रों पर रात साढ़े आठ बजे तक परीक्षाएं चलती रही। उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार पूरी परीक्षा प्रक्रिया की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग होनी चाहिए और यह रिकॉर्ड तीन महीने तक बोर्ड के पास होनी अनिवार्य होती है, लेकिन इसके बावजूद सीएम के नाक के नीचे बोर्ड ने सीसीटीवी रिकॉर्ड को जानबूझकर नष्ट कर दिया। इसके खिलाफ जब कर्मचारियों ने आवाज उठाई तो उनके तबादले कर दिए गए। कर्मचारी निरंतर इसके खिलाफ धरना-प्रदर्शन कर रहे है। बोर्ड का एक पत्र यह भी सामने आया है, जिसमें ये लिखा हुआ है कि सीसीटीवी फुटेज डिलीट की जा चुकी है।
दिग्विजय चौटाला ने कोचिंग सेंटर को लेकर भी बड़ा सवाल उठाया और कहा कि भाजपा से जुड़े लोग, बोर्ड सेक्रेट्ररी की धर्मपत्नी द्वारा अनेक कोचिंग सेंटर चलाए जा रहे है। उन्होंने मांग उठाई कि जो अंतिम परिणाम में 1284 नए अभ्यर्थी जोड़े गए थे, उनका डाटा सरकार के चहेते लोगों द्वारा संचालित कोचिंग सेंटर के विद्यार्थियों के साथ मिलाना चाहिए और उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। दिग्विजय ने कहा कि एक आम चर्चा प्रदेशभर में ये भी हो रही है कि आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवार से दो लाख रुपए, सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थी से सात लाख रुपए परीक्षा पास करवाने के नाम पर लिए जा रहे है।
दिग्विजय चौटाला ने कहा कि इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि जब बिना डेटशीट निर्धारित किए एचटेट के आवेदन लिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि मैनुअल चेकिंग का बहाना बनाकर 2026 एचटेट परीक्षा परिणाम को भी रोक कर रखा हुआ है। कर्मचारियों से मिली जानकारी के अनुसार फेल होने के बावजूद भी अभ्यर्थियों को पास किया जा रहा है। दिग्विजय चौटाला ने कहा कि एक तरफ नीट परीक्षा लीक को लेकर बड़ा आंदोलन देश में हुआ और अहंकारी भाजपा सरकार को झुकना पड़ा, वहीं दूसरी तरफ हरियाणा में परीक्षाओं से जुड़ी बड़ी घोटालेबाजी चल रही है। इस अवसर पर इनसो प्रदेश अध्यक्ष दीपक मलिक, जेजेपी नेता जसविंदर खेहरा, राजू पाई, मनदीप बोपराय, मुकेश जनझोंतरा आदि मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा