रेशनलाइजेशन कमीशन की सिफारिश, एचएसएससी को मजबूत ढांचा प्रदान करे सरकार

 


चंडीगढ़, 09 अप्रैल (हि.स.)। हरियाणा राज्य के रेशनलाइजेशन कमीशन ने अपनी मुख्य सचिव की 27वीं रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है। यह रिपोर्ट हरियाणा स्टॉफ सिलेक्शन कमीशन (एचएसएससी) के पुनर्गठन एवं युक्तिकरण से संबंधित है।

एक सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, एचएसएससी राज्य की एक अत्यंत महत्वपूर्ण संस्था है, जिसे ग्रुप-सी एवं ग्रुप-डी के पदों पर भर्ती के लिए सिफारिश करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राज्य सरकार के लगभग 85-90 प्रतिशत पद इन्हीं श्रेणियों में आते हैं।

उन्होंने बताया कि कमीशन ने एचएसएससी के अध्यक्ष, सचिव तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई बैठकें कर उनके समक्ष आ रही समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। एचएसएससी को करीब 400 विभिन्न प्रकार के पदों के लिए भर्ती संबंधी सिफारिशें करनी होती हैं, जिसके कारण इसकी कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित बनाना आवश्यक है।

रिपोर्ट में कमीशन ने सुझाव दिया है कि एचएसएससी के लिए एक मजबूत और सुव्यवस्थित संगठनात्मक ढांचा तैयार किया जाए, जिसमें विभिन्न विशेषज्ञ शाखाएं स्थापित की जाएं। इनमें गोपनीय शाखा, भर्ती शाखा, स्क्रूटिनी शाखा, परीक्षा शाखा, प्रशिक्षण एवं विधिक शाखा आदि शामिल हों, ताकि भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और कुशल बन सके।

प्रवक्ता ने आगे बताया कि कमीशन अब तक विभिन्न सरकारी विभागों के युक्तिकरण से संबंधित 26 रिपोर्टें (जिनमें तीन सामान्य रिपोर्टें शामिल हैं) प्रस्तुत कर चुका है। इनमें लोक निर्माण विभाग (बी एंड आर), जनस्वास्थ्य, सिंचाई, परिवहन, खान एवं भूविज्ञान, कृषि, उच्च शिक्षा, कोषागार एवं लेखा, खाद्य एवं आपूर्ति आदि विभाग शामिल हैं। इन रिपोर्टों का संबंधित विभागों में विभिन्न स्तरों पर क्रियान्वयन चल रहा है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि कमीशन वर्तमान में 22 अन्य विभागों के युक्तिकरण कार्य के अंतिम चरण में है। इनमें से पांच विभागों का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और उनकी रिपोर्टें तैयार की जा रही हैं, जिन्हें आगामी एक माह के भीतर राज्य सरकार को सौंप दिया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा