हरियाणा के 183 टेक्सटाइल उद्योगों को पिछले तीन वर्षों में मिली 54.81 करोड़ की पूंजीगत सब्सिडी
चंडीगढ़, 05 अगस्त (हि.स.)। हरियाणा के टेक्सटाइल उद्योगों को तकनीकी रूप से आधुनिक बनाने के लिए केंद्र सरकार ने पिछले तीन वर्षों में 183 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को 54.81 करोड़ रुपये की पूंजी निवेश सब्सिडी जारी की है। लोकसभा में सोनीपत से कांग्रेस सांसद सतपाल ब्रह्मचारी के सवाल के लिखित जवाब में केंद्रीय वस्त्र राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा ने बताया कि इस सहायता में सोनीपत संसदीय क्षेत्र के 14 उद्योगों को भी 3.79 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई है।
यह सहायता संशोधित प्रौद्योगिकी उन्नयन निधि योजना के तहत उन इकाइयों को दी गई, जिन्होंने मशीनरी आधुनिकीकरण और तकनीकी उन्नयन के लिए निवेश किया था। हरियाणा में योजना के तहत 183 मामलों का निपटारा किया जा चुका है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि प्रौद्योगिकी उन्नयन निधि योजना 31 मार्च, 2022 तक लागू रही थी। इसके बाद योजना बंद कर दी गई, लेकिन उस अवधि तक पंजीकृत पात्र मामलों की लंबित वित्तीय देनदारियों का भुगतान अभी भी किया जा रहा है। हरियाणा को जारी की गई राशि भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है।
सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने केंद्र सरकार से पूछा था कि क्या सोनीपत के टेक्सटाइल एमएसएमई को आधुनिक मशीनरी, ऑटोमेशन, गुणवत्ता सुधार और तकनीकी उन्नयन के लिए कोई विशेष सहायता दी जा रही है। इसके जवाब में सरकार ने बताया कि सोनीपत के 14 उद्योगों को योजना का लाभ मिल चुका है।
केंद्र ने यह भी बताया कि बजट 2026-27 में घोषित इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल प्रोग्राम के जरिए टेक्सटाइल क्षेत्र के आधुनिकीकरण, रोजगार सृजन, कौशल विकास और निर्यात बढ़ाने पर फोकस किया जाएगा। इसके अंतर्गत विभिन्न योजनाओं को एकीकृत कर उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने की तैयारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा