हरियाणा में 38 दिन बाद सफाई कर्मियों की हड़ताल खत्म

 


- मुख्यमंत्री के साथ बैठक में सरकार ने कई मांगें मानीचंडीगढ़, 11 सितंबर (हि.स.)। प्रदेशभर में 38 दिनों से चल रही सफाई कर्मियों की हड़ताल शुक्रवार को समाप्त हो गई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित हुई नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा एवं हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन की बैठक में मांगों पर सहमति बनी। इसके बाद सफाई कर्मियों ने हड़ताल वापस लेने का ऐलान किया। बाकायदा मुख्यमंत्री ने नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री को मिठाई खिलाई।बैठक के दौरान सरकार की ओर से सफाई कर्मचारियों की वर्दी, जोखिम भत्ता, मेडिकल सुविधा, दुर्घटना बीमा, पदोन्नति, भर्ती और सेवा से जुड़े कई मुद्दों पर सहमति जताई गई। वहीं फायर कर्मचारियों के जोखिम एवं वर्दी भत्ते तथा भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी मांगों पर भी सकारात्मक निर्णय हुआ। कर्मचारी संगठनों ने 13 सितंबर को कुरुक्षेत्र में प्रस्तावित न्याय जन पंचायत को स्थगित कर दिया है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात से पहले कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल और कृष्ण बेदी के साथ सफाई कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों की बैठक हुई। बैठक में विभिन्न मांगों पर सहमति बनी। सरकार के अनुसार पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों को एकमुश्त वर्दी भत्ते के स्थान पर 440 रुपये प्रतिमाह वर्दी भत्ता देने पर सहमति हुई है। समान काम-समान वेतन और एरियर की पात्र कर्मचारियों से संबंधित मांग का भुगतान किया जा चुका है। पालिका रोल के कर्मचारियों को नियमानुसार एलटीसी का लाभ भी दिया जा रहा है।

सफाई कर्मचारियों और सीवरमैन-नियमित, पालिका रोल तथा एचकेआरएनएल-का हर वर्ष नगर निकाय के खर्चे पर स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से मेडिकल चेकअप कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। नगर निकायों के नियमित कर्मचारियों, पेंशनधारकों और उनके आश्रितों को सरकारी कर्मचारियों के लिए लागू मेडिकल कैशलेस नीति का लाभ देने की सैद्धांतिक स्वीकृति भी बनी है।

अनुबंधित कर्मियों को मिलेंगे अनुभव के अंक

बैठक में सहमति बनी कि नगर पालिका के पे-रोल सफाई कर्मचारियों को खाली पड़े पदों पर नियमित किया जाएगा। नियमित भर्ती प्रक्रिया में कॉन्ट्रैक्ट वर्कर को भी अनुभव के नंबर मिलेंगे उनको भी भर्ती में नियमित नौकरी देने का प्रावधान किया गया है। दुर्घटना में मृत्यु होने पर बैंक के माध्यम से 50 लाख रुपये का बीमा तथा दिव्यांग होने की स्थिति में 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। सफाई कर्मचारियों के मेडिकल अवकाश को 10 से बढ़ाकर 20 दिन किया जाएगा। पढ़े-लिखे कर्मचारियों को उनकी योग्यता एवं पात्रता के आधार पर ग्रुप-सी के पदों पर पदोन्नति का अवसर दिया जाएगा। सीवरमैन के वेतन में 2100 रुपये की वृद्धि का लाभ दिया जाएगा। वहीं आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत सफाई कर्मचारियों एवं सीवरमैनों को न्यूनतम वेतनमान, ईएसआई एवं ईपीएफ का लाभ प्रदान किया जाएगा।

फायर कर्मचारियों की मांगों पर भी बनी सहमति

हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के साथ हुई बैठक में फायर कर्मचारियों की मांगों पर भी सकारात्मक निर्णय हुए। फरीदाबाद के दिवंगत फायर कर्मचारी भावीचंद शर्मा और रणबीर के परिवारों को सहायता राशि देने के मामले में सरकार ने पहले ही क्रमश: 60 लाख और 30 लाख रुपये दिए हैं। रणबीर के परिवार को बकाया 20 लाख रुपये जल्द देने पर सहमति बनी है। ऐसी दुर्घटना में मृत्यु होने पर 50 लाख रुपये देने के लिए नीति बनाने को भी मंजूरी दी गई है। दिवंगत कर्मचारियों के परिवार से अनुकंपा आधार पर नौकरी के लिए आवेदन आने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। फायर ऑपरेटर-कम-ड्राइवर के खाली पदों की भर्ती के मापदंड 45 दिन में तैयार कर उसके बाद 15 दिन में विज्ञापन जारी करने पर सहमति बनी है। चयन मापदंड समिति में यूनियन प्रतिनिधि भी शामिल होगा। फायर कर्मचारियों को 5,000 रुपये मासिक जोखिम भत्ता और 7,500 रुपये वार्षिक वर्दी भत्ता देने पर सहमति बनी है। पे-रोल कर्मचारियों की हड़ताल अवधि को अतिरिक्त ड्यूटी अवकाश के विरुद्ध समायोजित किया जाएगा और नियमित कर्मचारियों की सेवा में हड़ताल के कारण ब्रेक नहीं माना जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा