हरियाणा की औद्योगिक लाइसेंसिंग पॉलिसी में बदलाव
चंडीगढ़, 01 मई (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने इंडस्ट्रियल लाइसेंसिंग पॉलिसी में संशोधन किया है। यह फैसला राज्य में निवेश को आकर्षित करने और उद्योगों के लिए प्रक्रियाओं को आसान बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। सरकार ने वर्ष 2015 की इंडस्ट्रियल लाइसेंसिंग पॉलिसी में संशोधन करते हुए शहरीकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है।
नई व्यवस्था के तहत अब प्रकाशित डेवलपमेंट प्लान के अंतर्गत इंडस्ट्रियल जोन के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट और कम्युनिकेशन जोन में भी औद्योगिक कॉलोनी स्थापित करने की अनुमति दी जाएगी। यह अनुमति कुल नियोजित क्षेत्र के 25 प्रतिशत तक ही सीमित रहेगी, ताकि प्लानिंग संतुलित बनी रहे।
24 मार्च को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में यह निर्णय लिया गया था। इसके बाद अब टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल ने निर्देश जारी किए हैं। इस नीति बदलाव से प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियां तेज होंगी, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी।
सरकार के इस फैसले से शहरी क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करना पहले से अधिक आसान हो जाएगा। पहले जहां केवल सीमित क्षेत्रों में ही अनुमति मिलती थी, अब ट्रांसपोर्ट और कम्युनिकेशन जोन को भी शामिल करने से इंडस्ट्रियल विस्तार के नए रास्ते खुलेंगे। इससे लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी के लिहाज से भी उद्योगों को फायदा मिलेगा।
पॉलिसी में एक बड़ा बदलाव एग्रीकल्चर जोन से जुड़ा है। अब यदि कोई इंडस्ट्रियल लाइसेंस शहरी सीमा से 500 मीटर से बाहर एग्रीकल्चर जोन में लिया जाता है, तो वहां आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत संबंधित डेवलपर को ही वहन करनी होगी। यानी सडक़, बिजली, पानी जैसी सुविधाओं का खर्च सीधे निवेशक से लिया जाएगा।
नई नीति में एक और अहम राहत दी गई है। यदि पहले से एग्रीकल्चर जोन में लिया गया इंडस्ट्रियल लाइसेंस बाद में शहरी क्षेत्र में शामिल हो जाता है और उस पर निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, तो उस हिस्से पर एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्ज (ईडीसी) नहीं लिया जाएगा। हालांकि, जो हिस्सा अभी अधूरा है, उस पर लागू नियमों के अनुसार ईडीसी देना होगा। इससे पुराने निवेशकों को बड़ी राहत मिलेगी और नए निवेश को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा