हरियाणा में चौकीदारों का मासिक मानदेय होगा 15221

 




मुख्यमंत्री ने पंचकूला में राज्यस्तरी समारोह में किया ऐलान, अधिसूचना जारी

ग्रामीण चौकीदारों को हर महीने मिलेंगे 4221 रुपये अधिक

ग्रामीण चौकीदारों की वर्दी, उपकरण और साइकिल भत्ते में भी बढ़ोतरी

चंडीगढ़, 06 नवंबर (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने धनतेरस और दीपावली के अवसर पर प्रदेश के ग्रामीण चौकीदारों को तोहफा देते हुए उनके मासिक मानदेय को 11 हजार से बढ़ाकर 15 हजार 221 रुपये करने की घोषणा की। इससे प्रत्येक चौकीदार को हर महीने 4 हजार 221 रुपये अधिक मिलेंगे जिससे प्रतिवर्ष उसे 50 हजार रुपये से भी अधिक का फायदा होगा।

वर्ष 2014 में ग्रामीण चौकीदारों का मानदेय केवल 3,500 रुपये मासिक था जो आज बढक़र 4 गुणा से भी अधिक हो गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को पंचकूला में राज्यस्तरीय ग्रामीण चौकीदार सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ग्रामीण चौकीदारों के लिए कई और बडी घोषणाएं की जिसमें वार्षिक वर्दी भत्ता 4 हजार रुपये से बढ़ाकर 5 हजार रुपये, लाठी, बैटरी, सीटी और छाते का वार्षिक भत्ता 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये, साइकिल भत्ता 3 हजार 500 रुपये से बढ़ाकर 5 हजार रुपये शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण चौकीदारों के हित में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए घोषणा की कि हरियाणा के इतिहास में पहली बार अब जल-कर्मियों और सफाई-कर्मियों की तर्ज पर ग्रामीण चौकीदारों को ईएसआई यानी कर्मचारी राज्य बीमा का लाभ मिलेगा। इससे बीमारी के समय उन्हें और उनके परिवारों को इलाज की सुविधा मिलेगी। दुर्घटना या दिव्यांगता की स्थिति में भी सहारा मिलेगा।

उन्होने कहा कि इसके साथ ही, अब हर चौकीदार हरियाणा श्रम कल्याण कोष के दायरे में भी आएगा। इससे वह बेटे या बेटी की पढ़ाई अथवा शादी या परिवार की मदद की जरूरत में सरकार की योजनाओं के माध्यम से सहायता प्राप्त कर सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सभी लाभ आज से ही लागू होंगे। उन्होने कहा कि इन फैसलों से राज्य सरकार पर हर साल लगभग 27 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा लेकिन गांवों की सुरक्षा करने वालों पर किया गया यह खर्च सही मायने में प्रदेश के गांवों और हर घर की सुरक्षा में किया गया निवेश है।

नायब सिंह सैनी ने कहा कि उन्होने अधिकारियों को इन फैसलों की अधिसूचना को जल्द से जल्द जारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होने यह भी निर्देश दिए कि बढ़ा हुआ मानदेय हर महीने की 7 तारीख से पहले उनके बैंक खातों में पहुंचे, हर चौकीदार का ईएसआई और श्रम कल्याण कोष में पंजीकरण जल्द से जल्द हो और जिला तथा खंड स्तर के अधिकारी व्यक्तिगत रूप से इसकी निगरानी करें।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण चौकीदारों से आहवान किया कि वे नशे के खिलाफ लड़ाई में गांव के मजबूत साथी बनें। नशा परिवारों को तोड़ता है और नौजवानों के सपनों को नुकसान पहुंचाता है। आप अपने गांव की गलियों और लोगों को जानते हैं। अगर कोई नशा बेचता है, तो बिना डर उसकी सूचना दें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चौकीदार सदा से ही गांव के जीवन का भरोसेमंद हिस्सा रहा है। गांव में अप्रिय घटना हो जाए, कोई झगड़ा हो, रात को कोई अनजान व्यक्ति दिखाई दे, कोई पशु खो जाए या चोरी हो जाए, हर मौके पर सबसे पहले चौकीदार को ही याद किया जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें खेद है कि दशकों तक व्यवस्था में चौकीदारों की जरूरतों पर उतना ध्यान नहीं दिया गया, जितना मिलना चाहिए था। वर्तमान राज्य सरकार ने उनकी सेवा का सम्मान करते हुए चौकीदारों के हित में कई फैसले लिए हैं। वर्ष 2014 में जब हमारी सरकार बनी, तब एक चौकीदार को महीने का केवल 3,500 रुपये मानदेय मिलता था जिसे सितंबर 2018 में बढ़ाकर 7 हजार रुपये मासिक और फिर फरवरी 2024 में इसे बढ़ाकर 11 हजार रुपये मासिक किया गया। चौकीदारों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए भविष्य निधि की सुरक्षा दी गई ताकि, हर महीने उनके लिए कुछ बचत हो सके। इसके अलावा सेवानिवृत्ति पर 2 लाख रुपये की सहायता का प्रावधान किया गया। यही नहीं, जो चौकीदार स्वस्थ हैं, उन्हें 65 वर्ष की आयु तक सेवा करने का अवसर दिया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा