गुरुग्राम-नूंह में एचईआरसी ने इलेवन पावर के कामकाज पर लगाई रोक

 

चंडीगढ़, 28 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा के गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण के लिए लाइसेंस हासिल करने वाली इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड के लाइसेंस पर महज नौ दिन में ही रोक लगा दी गई है। हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) ने 19 अक्टूबर को निजी कंपनी को समानांतर बिजली वितरण की मंजूरी दी थी। इसके बाद बिजली कर्मचारी हड़ताल पर चले गए।

45 घंटे बाद सरकार से बातचीत के बाद काम पर लौटे और अब राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस लागू करने पर रोक लगाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। बिजली मंत्री अनिल विज इस व्यवस्था का शुरू से विरोध कर रहे थे। सरकार ने अपने हस्तक्षेप के लिए उपभोक्ताओं के हित, सरकारी बिजली निगमों के राजस्व और क्रॉस-सब्सिडी पर संभावित असर को आधार बनाया है।

ऊर्जा विभाग ने 26 अक्टूबर को मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद बिजली अधिनियम, 2003 की धारा 108(1) के तहत आयोग को लिखित निर्देश दिए। इनमें हरियाणा में किसी भी समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस को नया स्वरूप देने, परिचालन में लाने या प्रभावी करने से रोकने को कहा गया। आयोग ने बुधवार को आदेश जारी कर स्पष्ट कर दिया कि सरकार के निर्देश प्रभावी रहने तक वह मामले में आगे कोई कार्रवाई नहीं करेगा।

निजी कंपनी को लाइसेंस देने का फैसला आयोग ने किया था, राज्य सरकार ने नहीं। सरकार ने बाद में अपने नीतिगत अधिकार का इस्तेमाल करते हुए हस्तक्षेप किया है। आयोग ने 19 अक्टूबर के लाइसेंस आदेश को औपचारिक रूप से रद्द नहीं किया, लेकिन उसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया फिलहाल ठहर गई है।

दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम और उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम ने कंपनी की वित्तीय साख, पूंजी पर्याप्तता, तकनीकी क्षमता और पूरे लाइसेंस क्षेत्र में सेवा देने की तैयारी पर सवाल उठाए थे।

इलेवन पावर ने 21 अक्टूबर को लाइसेंस की शर्तें स्वीकार करने की सहमति दी थी। 23 अक्टूबर को कंपनी ने आयोग को बताया कि वह लाइसेंस लागू करने के लिए जरूरी कानूनी और नियामकीय कदम उठा रही है। कंपनी ने यह भी मांग की थी कि लाइसेंस से जुड़े किसी मामले या आपत्ति पर विचार करने से पहले उसे सूचना देकर सुनवाई का अवसर दिया जाए।

आयोग ने 28 अक्टूबर को यह मांग खारिज कर दी। उसने बिजली अधिनियम की धारा 108(1) और 108(2) का हवाला देते हुए कहा कि राज्य सरकार जनहित से जुड़े नीतिगत मामलों में लिखित निर्देश दे सकती है और ऐसे निर्देश के नीतिगत स्वरूप पर सरकार का निर्णय अंतिम है। आयोग के अनुसार, निर्देश पूरे हरियाणा पर लागू हैं और उनके प्रभावी रहने तक इस मामले में आगे बढऩे की गुंजाइश नहीं है।

आयोग ने लाइसेंस देने के अपने पुराने आदेश को औपचारिक रूप से निरस्त नहीं किया है। इसलिए फिलहाल स्थिति यह है कि इलेवन पावर को मिली मंजूरी रिकॉर्ड पर कायम है, लेकिन सरकार के निर्देशों के चलते कंपनी गुरुग्राम और नूंह में समानांतर वितरण व्यवस्था शुरू करने की दिशा में आगे नहीं बढ़ सकती। आगे का घटनाक्रम सरकार के निर्देशों और संभावित कानूनी या नियामकीय कार्रवाई पर निर्भर करेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा