हरियाणा के शिक्षण संस्थानों में गुरु-शिष्य योजना लागू

 


हरियाणा राज्य अनुसंधान कोष के तहत 20 करोड़ तयचंडीगढ़, 20 फ़रवरी (हि.स.)। हरियाणा के राज्यपाल प्रो.असीम कुमार घोष ने हरियाणा सरकार का रोड मैप सदन के माध्यम से प्रदेश वासियों के सामने पेश करते हुए कहा है कि विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में डिग्री के साथ कौशल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार की ओर से गुरु-शिष्य योजना की शुरुआत की गई है। अब तक 219 गुरुओं और 270 शिष्यों को नामांकित किया गया है। इनमें 126 गुरुओं को मान्यता दी जा चुकी है। वहीं, पलवल, फरीदाबाद, सिरसा, ऐलनाबाद, होडल और पंचकूला में कौशल को बढ़ावा देने के लिए गुरु-शिष्य योजना चलाई जा रही है। वहीं 2022-23 के लिए, हरियाणा ने 34.8 प्रतिशत का सकल नामांकन अनुपात हासिल किया है, जबकि लड़कियों का 39.1 प्रतिशत नामांकन महिला सशक्तिकरण की दिशा में बढ़ा कदम है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को बढ़ावा देने के लिए नायब सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार की ओर से 20 किलोमीटर के दायरे में एक कॉलेज की स्थापना की गई है। सरकार की ओर से शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ नवाचार और अनुसंधान को भी गति दी जा रही है। इसको लेकर हरियाणा राज्य अनुसंधान कोष गठित किया गया है और 20 करोड़ रुपये की राशि आवंटित भी गई है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों में वैज्ञानिक सोच को नई गति देना है। इसके अतिरिक्त, 22 जिला स्तर के महाविद्यालयों में आम नागरिकों और विद्यार्थियों के लिए लाईब्रेरी की सुविधा मुहैया करवाई गई है।

राज्यपाल ने बताया कि सरकार ने हरियाणा को विज्ञान और नवाचार का वैश्विक अब बनाने का रोडमैप तैयार किया है। अटल टिंकरिंग लैब्स और डिजिटल लैब्स के जरिये स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाया जा रहा है। अंबाला में 85 करोड़ की लागत से बन रहे आर्यभट्ट साइंस सेंटर और कुरुक्षेत्र में कल्पना चावला स्मृति तारामंडल के आधुनिकीकरण से राज्य में वैज्ञानिक चेतना को बढ़ावा दिया जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा