हरियाणा सरकार ने खोला श्रमिक पोर्टल, ले सकेंगे सरकारी योजनाओं का लाभ

 

चंडीगढ़, 17 जून (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने पिछले करीब एक साल से बंद पड़े श्रमिक पोर्टल को बीती रात खोल दिया है। मुख्यमंत्री नायब सैनी तथा मजदूर संगठनों के बीच हाल ही में हुई बैठक के बाद यह फैसला लिया गया है।श्रम विभाग में सामने आए करीब 1,500 करोड़ रुपए के कथित स्लिप घोटाले के बाद की गई है। आरोप था कि फर्जी लाभार्थियों के नाम पर बड़ी राशि निकाली गई थी। इसी के बाद विभाग ने व्यापक जांच शुरू की और पोर्टल को बंद कर दिया गया था। जांच लंबी चलने के कारण वास्तविक श्रमिकों को भी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया था। श्रमिक संगठनों ने कई बार सरकार और श्रम मंत्री के समक्ष यह मुद्दा उठाया था।

हरियाणा सरकार द्वारा श्रमिकों के लिए कुल 33 योजनाएं चलाई गई हैं। पोर्टल बंद होने के कारण इन योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था। पोर्टल बंद रहने का सबसे अधिक असर श्रमिक परिवारों के बच्चों पर पड़ा। उन्हें छात्रवृत्ति और अन्य शैक्षणिक योजनाओं का लाभ नहीं मिल सका। इसके अलावा, कई पात्र मजदूर भी विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से वंचित रह गए।

सूत्रों के अनुसार, वर्षभर चली जांच में बड़ी संख्या में अपात्र एवं फर्जी रजिस्ट्रेशन सामने आए हैं। जांच के बाद केवल पात्र श्रमिकों को ही मान्य माना गया है और उन्हें विभाग की ओर से मैसेज भेजे गए हैं। प्रदेशभर में लाखों श्रमिकों के भवन निर्माण श्रमिक पंजीकरण निरस्त किए गए हैं। अब केवल पात्र श्रमिक ही योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा