लाडो लक्ष्मी योजना का दायरा बढ़ाएगी सरकार
मंत्रिमंडल की बैठक में आएगा एजेंडा
चंडीगढ़, 09 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा मंत्रिमंडल की शनिवार को होने वाली बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर निर्णय लिया जा सकता है। बैठक के एजेंडे में दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत पात्रता के लिए वार्षिक पारिवारिक आय सीमा बढ़ाने, स्थानीय निकायों को वित्तीय सहायता देने, ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन की योजना को मंजूरी देने और मीडिया कर्मियों के कल्याण कोष की प्रशासनिक व्यवस्था में संशोधन के प्रस्ताव शामिल हैं। इसके अलावा नागरिक संसाधन सूचना विभाग को स्वतंत्र विभाग के रूप में शामिल करने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
शनिवार को मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक के संबंध में शुक्रवार की शाम एजेंडा जारी किया गया।
बैठक में इन प्रस्तावों पर मुहर लगने के बाद संबंधित योजनाओं और विभागीय व्यवस्थाओं में बदलाव का रास्ता साफ हो सकता है। हालांकि, एजेंडे में शामिल प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी मंत्रिमंडल के निर्णय के बाद ही मिलेगी। दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना 2025 के तहत राज्य सरकार की ओर से 2100 रुपये मासिक देने का प्रविधान है। योजना में परिवार की सालाना आय की पात्रता सीमा एक लाख रुपये से बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये पहले ही की जा चुकी है।
अब सामाजिक विकास संकेतकों के आधार पर पात्रता के लिए आय सीमा 1.80 लाख रुपये से बढ़ाकर तीन लाख रुपये सालाना करने का प्रस्ताव एजेंडे में शामिल है। हरियाणा सरकार के कार्य आवंटन नियम 1974 की अनुसूची में नागरिक संसाधन सूचना विभाग को स्वतंत्र विभाग के रूप में शामिल करने का प्रस्ताव है। इससे सरकारी कामकाज के बंटवारे और विभागीय जिम्मेदारियों को औपचारिक रूप देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
प्रस्ताव में लाभार्थियों को मिलने वाली राशि के चयन का विकल्प समाप्त करने की बात कही गई है। साथ ही लाभार्थियों को अपना जीवन प्रमाण-पत्र हर तीन महीने यानी त्रैमासिक रूप से प्रस्तुत करना होगा। इन बदलावों का उद्देश्य योजना के तहत पात्रता और लाभ वितरण की व्यवस्था में संशोधन करना है।
स्थानीय निकायों के लिए भी महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा गया है। इसके तहत वित्त वर्ष 2026-27 से छठे राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार, स्थानीय निकायों को धनराशि हस्तांतरित की जाएगी। यह व्यवस्था अगले राज्य वित्त आयोग की सिफारिशें उपलब्ध होने तक जारी रखने का प्रस्ताव है। इससे स्थानीय निकायों को विकास कार्यों के लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने की व्यवस्था तय होगी।
मंत्रिमंडल के एजेंडे में विकसित भारत-गारंटी फार रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम 2025 के प्रावधानों के तहत जारी हरियाणा विकसित भारत-गारंटी फार रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना 2026 की अधिसूचना को कार्योत्तर स्वीकृति देने का प्रस्ताव शामिल है। कार्योत्तर स्वीकृति का अर्थ है कि पहले जारी की जा चुकी अधिसूचना को बाद में औपचारिक मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल के सामने रखा जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा