हरियाणा सरकार ने जिला अस्पतालों व ब्लड बैंकों को अपग्रेड करने के लिए 3.26 करोड़ की खरीद को दी मंजूरी

 

-शवगृह चैंबर,ऑटोप्सी टेबल और प्रयोगशाला उपकरणों की होगी खरीद

चंडीगढ़, 22 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने जिला अस्पतालों को अपग्रेड, ब्लड बैंकों को मजबूत करने, जांच प्रयोगशालाओं की सुविधाओं में सुधार, दवाओं की गुणवत्ता की जांच को बेहतर बनाने तथा प्रदेश के सभी जिलों में चिकित्सा उपकरणों की केंद्रीकृत डिजिटल सूची तैयार करने के लिए लगभग 3.26 करोड़ रुपये की खरीद एवं सेवा संबंधी योजनाओं को मंजूरी दी है।

ये निर्णय स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ सुमिता मिश्रा की अध्यक्षता में गुरुवार को आयोजित राज्य स्वास्थ्य खरीद विशेष स्थायी खरीद समिति (एसएसपीसी-उच्च) की बैठक में लिए गए। समितियों ने हरियाणा के जिला अस्पतालों के लिए छह शवों की क्षमता वाले नौ शवगृह चौंबर की खरीद हेतु दो वर्ष की दर अनुबंध व्यवस्था को मंजूरी दी। इनकी अनुमानित लागत 70.62 लाख रुपये है। इसके अतिरिक्त, लगभग 66.27 लाख रुपये की लागत से 17 ऊंचाई समायोजित करने वाली पेडेस्टल ऑटोप्सी टेबल खरीदने की भी स्वीकृति दी गई।

इन दोनों प्रस्तावों पर कुल अनुमानित 1.37 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इनका उद्देश्य शवगृहों की क्षमता बढ़ाना तथा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाना है।

एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय के तहत ब्लड बैंक, स्क्रीनिंग और प्रयोगशाला सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगभग 1.09 करोड़ रुपये के चिकित्सा उपकरणों की खरीद को मंजूरी दी गई। इन उपकरणों में लगभग 56.64 लाख रुपये की लागत से माइनस 40 डिग्री सेल्सियस तापमान बनाए रखने में सक्षम 25 डीप फ्रीजर, 34.02 लाख रुपये की लागत से 20 एलिसा रीडर विद वॉशर तथा 18.55 लाख रुपये की लागत से 15 डिजिटल एनालिटिकल बैलेंस शामिल हैं। दवाओं की गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए हरियाणा खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के लिए लगभग 16.04 लाख रुपये की लागत से दो डिसॉल्यूशन मशीन तथा 8.96 लाख रुपये की लागत से दो डिसइंटीग्रेशन उपकरण खरीदने की मंजूरी दी गई।

इन उपकरणों पर कुल लगभग 25 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इनकी सहायता से एफडीए की दवा परीक्षण क्षमता बढ़ेगी और निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुपालन की निगरानी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी। समितियों ने हरियाणा के सभी जिलों में स्थित स्वास्थ्य संस्थानों में स्थापित चिकित्सा उपकरणों का सर्वेक्षण, सत्यापन, प्रमाणीकरण और डिजिटलीकरण करने के प्रदेशव्यापी अभियान को भी मंजूरी दी। इस कार्य के लिए एक एजेंसी का चयन किया गया है, जिस पर लगभग 22.42 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।

इसके अतिरिक्त, समितियों ने पंचकूला स्थित हरियाणा चिकित्सा सेवा निगम लिमिटेड (एचएमएससीएल) के कार्यालय में साफ-सफाई और हाउसकीपिंग सेवाओं के लिए तीन वर्ष के सेवा-स्तरीय अनुबंध के तहत एक एजेंसी की नियुक्ति को भी मंजूरी दी। इस व्यवस्था पर लगभग 32.40 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा