हरियाणा सरकार ने सभी विभागों से मांगा बैंक खाताें का पांच साल का रिकार्ड

 

चंडीगढ़, 05 अगस्त (हि.स.)। हरियाणा में करीब 650 करोड़ का बैंक घोटाला सामने आने के बाद सरकार ने सभी विभागों से बैंक खातों का पिछले पांच साल का ब्यौरा मांगा है। विभागाध्यक्षों को संबंधित अधिकारी के माध्यम से जानकारी हार्ड कॉपी और सॉफ्ट कॉपी दोनों में वित्त विभाग को उपलब्ध कराने को कहा गया है। पत्र में जानकारी एक सप्ताह के भीतर भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

वित्त विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों को वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक की जानकारी निर्धारित प्रोफार्मा में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

वित्त विभाग की ओर से मांगी गई जानकारी में प्रत्येक वित्तीय वर्ष के लिए विभागों को बताना होगा कि 31 मार्च तक कुल कितने डीडीओ बैंक खाते संचालित थे। साथ ही इन खातों में वित्तीय वर्ष के दौरान कितना खर्च हुआ और 31 मार्च को खातों में कितनी राशि शेष थी, इसका भी विवरण देना होगा।

वित्त विभाग ने 50 प्रतिशत से कम खर्च वाले डीडीओ बैंक खाते, 50 प्रतिशत से अधिक लेकिन 99 प्रतिशत तक खर्च वाले खाते तथा 100 प्रतिशत खर्च वाले डीडीओ बैंक खातों की जानकारी मांगी है। सरकार की तरफ से उन खातों के बारे में ब्यौरा मांगा गया है, जिनमें कोई पैसा खर्च नहीं हुआ है।

ऐसे डीडीओ बैंक खातों की संख्या, संबंधित डीडीओ का विभाग, पदनाम और नाम, बैंक का नाम, बैंक खाता नंबर तथा वित्त वर्षों के दौरान 31 मार्च को मौजूद क्लोजिंग बैलेंस की डिटेल मांगी गई है।

वित्त विभाग ने जानकारी के लिए पांच वित्तीय वर्षों—2021-22, 2022-23, 2023-24, 2024-25 और 2025-26 को शामिल किया है। सरकार पांच साल की अवधि में डीडीओ खातों में हुए लेन-देन और बची राशि का तुलनात्मक रिकॉर्ड तैयार करवा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा