सरकारी स्कूलों में पेयजल की गुणवत्ता जांच को लिए जाएंगे सैंपल

 

चंडीगढ़, 28 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों में साफ और सुरक्षित पीने उपलब्ध कराने के लिए अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिए गए निर्णय के बाद, हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद ने प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में पेयजल की गुणवत्ता जांचने और आवश्यक सुधार करने के निर्देश जारी किए हैं।

परिषद द्वारा जारी पत्र के अनुसार, सभी जिलों के अतिरिक्त उपायुक्तों,जिला शिक्षा अधिकारियों,जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों और समग्र शिक्षा के जिला परियोजना समन्वयकों को इस पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा गया है। राज्य परियोजना निदेशक की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए। सभी संबंधित अधिकारी आपस में तालमेल बनाकर तय सीमा में कार्रवाई की समेकित रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपेंगे।

सभी सरकारी स्कूलों में उपलब्ध पेयजल के नमूनों की जांच जन स्वास्थ्य अभियांतिकी विभाग के समन्वय से की जाएगी। पानी की गुणवत्ता की जांच के बाद, निर्धारित मानकों पर खरे न उतरने वाले स्कूलों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इस रिपोर्ट के नतीजों को स्कूल लॉगिन के माध्यम से एमआईएस पोर्टल पर अपडेट करना अनिवार्य होगा।

जांच रिपोर्ट के आधार पर जिन स्कूलों में पानी पीने योग्य नहीं पाया जाएगा, वहां सुधार के कदम उठाए जाएंगे। आवश्यकतानुसार ऐसे स्कूलों में आरओ सिस्टम या अन्य उपयुक्त वाटर प्यूरीफिकेशन की व्यवस्था की जाएगी। पानी की जांच के लिए होने वाला खर्च समग्र शिक्षा के तहत मिलने वाली वार्षिक स्कूल ग्रांट के 'स्वच्छता एक्शन प्लान' की 10 प्रतिशत राशि से वहन किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा