हरियाणा सरकार ने धान की खरीद पर तय सीमा को हटाया

 

चंडीगढ़, 19 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने धान की खरीद के संबंध में तय सीमा के संबंध में किसानों को छूट प्रदान कर दी है। इसके लिए नए नियम तय किए गए हैं। वहीं, दूसरी तरफ किसान संगठनों ने खरीद प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की है। हरियाणा सरकार द्वारा पिछले तीन वर्षों की औसत पैदावार के आधार पर विभिन्न जिलों में प्रति एकड़ पैदावार की औसत निर्धारित की गई है। इसी के आधार पर सरकार द्वारा धान खरीद की योजना बनाई जाती है। धान खरीद के लिए प्रत्येक किसान के लिए सीमा तय की गई है। प्रदेश के कई जिलों अथवा किसानों की धान की उपज निर्धारित सीमा से अधिक हुई है।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड और कृषि विभाग के माध्यम से किसान लगातार आवेदन कर रहे थे कि कुछ मामलों में धान की वास्तविक उपज निर्धारित उपज सीमाओं से काफी अधिक है। जिसके चलते सरकार ने किसान कल्याण और संबंधित विभागों से प्राप्त अनुरोधों पर उचित विचार-विमर्श के बाद कहा है कि जिन किसानों की वास्तविक धान उपज निर्धारित सीमा से अधिक है, वह हरियाणा स्टेट एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड के सचिव को लिखित अनुरोध प्रस्तुत कर सकते हैं। संबंधित सचिव ऐसे दावों को सत्यापन के लिए संबंधित राजस्व अधिकारियों/कृषि विभाग को भेजेंगे। सत्यापन आवेदक किसान के पिछले उत्पादन/बिक्री रिकॉर्ड के आधार पर किया जाएगा, जहां भी उपलब्ध हो। अधिक उपज के दावे की वेरीफिकेशन राजस्व अधिकारियों/कृषि विभाग द्वारा 48 घंटे के भीतर की जाएगी। यदि राजस्व या कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा अधिक उपज के दावे को सत्यापित कर दिया जाता है, तो धान की अतिरिक्त मात्रा की भी खरीद की जाएगी।

हरियाणा सरकार ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वह किसानों के दावों पर तत्काल कार्रवाई करें, ताकि किसानों को मंडियों में अपनी धान की उपज बेचने में किसी अनावश्यक कठिनाई या असुविधा का सामना न करना पड़े।

वहीं, दूसरी तरफ भारतीय किसान यूनियन के प्रधान गुरनाम सिंह चढूनी ने सोमवार को कृषि विभाग के निदेशक को पत्र लिखकर कहा है कि सरकार द्वारा जारी किए गए पत्रों में अंतर है। पहले पत्र में जिला स्तर पर तीन वर्षों की पैदावार तथा दूसरे पत्र में किसान स्तर पर हुई तीन साल की पैदावार को वर्तमान पैदावार का आधार बनाया गया है। इस वर्ष मौसम अनुकूल होने के कारण धान पिछले वर्षों की तुलना में अधिक हुआ है।

चढूनी ने किसानों को पैदावार में दस प्रतिशत की छूट देने की मांग करते हुए कहा कि अगर निर्धारित सीमा से दस प्रतिशत अधिक की पैदावार होती है तो सरकार खरीद का उचित प्रबंध करे।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा