कर्ज, आयुष्मान और सफाई कर्मचारियों के मुद्दे पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार को घेरा

 


चंडीगढ़, 02 सितंबर (हि.स.)। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आरोप लगाया कि मानसून सत्र के दौरान सरकार ने विपक्ष के सवालों का जवाब देने की बजाय सदन को गुमराह किया और झूठ का सहारा लिया। उन्होंने विधानसभा परिसर में विधायकों के साथ हुए कथित दुव्र्यवहार को विधानसभा के इतिहास का ‘काला अध्याय’ करार दिया।

हुड्डा बुधवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातची बातचीत कर रहे थे। हुड्डा ने कहा कि वह कई बार सांसद और विधायक रह चुके हैं, लेकिन इस बार जैसा व्यवहार विपक्षी विधायकों के साथ हुआ, वैसा कभी नहीं देखा।

सफाई कर्मचारियों के मुद्दे पर भी हुड्डा ने सरकार पर तथ्य छिपाने का आरोप लगाया। उन्होंने 16 और 18 जून 2014 की कांग्रेस सरकार की नीतियों के नोटिफिकेशन दिखाते हुए कहा कि तीन वर्ष से कार्यरत कर्मचारियों को पक्का करने का फैसला लिया गया था। उन्होंने दावा किया कि इन नीतियों को उच्च न्यायालय से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक जायज ठहराया गया। हुड्डा ने सवाल किया कि जब कांग्रेस ऐसी नीति बना सकती थी तो भाजपा सफाई कर्मचारियों के लिए ऐसा फैसला क्यों नहीं ले सकती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकाल में 11 हजार ग्रामीण और 14 हजार शहरी सफाई कर्मचारी नियुक्त किए गए थे, लेकिन भाजपा सरकार उन्हें अब तक पक्का नहीं कर सकी। कांग्रेस मांग करती है कि सफाई कर्मचारियों को पक्का करने का प्रस्ताव विधानसभा में लाया जाए, विपक्ष उसका समर्थन करेगा।

हुड्डा ने आईडीएफसी बैंक, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक से जुड़े कथित घोटालों पर कहा कि सरकार का दावा है कि इन मामलों में वित्तीय नुकसान नहीं हुआ। यदि ऐसा है तो तीन आईएएस अधिकारियों को निलंबित क्यों किया गया? उन्होंने सवाल किया कि जांच से भागकर सरकार आखिर किसे बचाना चाहती है।

हुड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार ने हरियाणा को 5.53 लाख करोड़ रुपये के कर्ज में डुबो दिया है। उन्होंने भाजपा सरकार को प्रचार, पुलिस, पोर्टल और पोलराइजेशन की सरकार बताया। आयुष्मान योजना पर उन्होंने कहा कि सरकार योजना को सही तरीके से नहीं चला पा रही है और निजी अस्पतालों का करीब 1,200 करोड़ रुपये बकाया है। इसके चलते गरीब मरीजों को इलाज में परेशानी हो रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा