हरियाणा में मानसून से पहले आपदा प्रबंधन की तैयारियां
-13 बाढ़ संभावित जिलों में 14 मई को होगा मॉक ड्रिल का आयोजन
-मंडलायुक्तों व उपायुक्तों को कंट्रोल रूम सक्रिय करने के निर्देश
चंडीगढ़, 29 अप्रैल (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने आगामी मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए राज्यभर में संभावित बाढ़, हीटवेव और सूखे जैसी आपदाओं से निपटने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने सभी मंडलायुक्तों और उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कंट्रोल रूम सक्रिय करें तथा जिला एवं राज्य स्तर पर समन्वित प्रतिक्रिया प्रणाली को मजबूत बनाएं।
हरियाणा सरकार 14 मई, 2026 को 13 बाढ़ संभावित जिलों में बाढ़ आपदा की स्थिति पर राज्य स्तरीय मॉक अभ्यास आयोजित करेगी। प्रथम चरण 6 मई, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 'ओरिएंटेशन और समन्वय सम्मेलन' होगा, जिसमें राज्य और जिला स्तर के अधिकारी व हितधारक शामिल होंगे। द्वितीय चरण 12 मई को 'टेबल टॉप एक्सरसाइज' होगी, जहां विभिन्न प्रतिक्रिया परिदृश्यों पर चर्चा की जाएगी और रणनीतियों का परीक्षण किया जाएगा।
तृतीय चरण सबसे महत्वपूर्ण चरण, यानी 'शारीरिक मॉक ड्रिल' 14 मई को होगी, जिसमें जमीन पर सभी संबंधित एजेंसियों की सक्रिय भागीदारी होगी। उन्होंने बताया कि पंचकूला स्थित राज्य स्तरीय आपतकालीन परिचालन केंद्र पहले से ही कार्यरत है। सभी जिलों को मई माह के मध्य तक विशेष बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित करने तथा रियल-टाइम समन्वय और रिपोर्टिंग के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा, जैसे संचार प्रणाली, इंटरनेट कनेक्टिविटी और पर्याप्त जनशक्ति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। डॉ. मिश्रा ने बताया कि सूखे की स्थिति से निपटने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग को नोडल एजेंसी नामित किया गया है।
डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि यह अभ्यास 13 चिह्नित बाढ़ प्रभावित जिलों गुरुग्राम, अंबाला, फरीदाबाद, फतेहाबाद, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, पंचकूला, पानीपत, पलवल, सिरसा, सोनीपत और यमुनानगर में आयोजित किया जाएगा। इन जिलों का चयन नदियों और नहरों से उनकी निकटता और बाढ़ के प्रति उनकी भौगोलिक संवेदनशीलता के कारण किया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा