कर्मचारियों को सरकारी खजाने से मिलेगा लोन

 

चंडीगढ़, 10 मई (हि.स.)। हरियाणा सरकार अब अपने कर्मचारियों को किसी प्रकार का लोन आदि सरकारी खजाने के माध्यम से देगी। सरकार ने ऋण सुविधा के लिए पंजाब नेशनल बैंक की मध्यस्थता को समाप्त करने का फैसला किया है। हाल ही में हरियाणा में निजी क्षेत्र के कई बैंक घोटालों को लेकर चर्चा में हैं। सरकार द्वारा एक के बाद एक बैंकिंग व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है।

अब सरकार ने कर्मचारियों के लिए दी जाने वाली ऋण व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए पंजाब नेशनल बैंक के माध्यम से लोन देने की व्यवस्था समाप्त करने का फैसला किया है। आगामी एक जून से कर्मचारियों को मकान, वाहन, कंप्यूटर और विवाह ऋण सीधे राज्य सरकार के बजट से उपलब्ध करवाया जाएगा। बीते दिनों मंत्रिमंडल ने भी इसकी मंजूरी दे दी थी। अब वित्त विभाग ने इस व्यवस्था को अगले महीने से लागू करने की घोषणा कर दी है।

हरियाणा सरकार ने वर्ष 2016 में इन ऋणों का पोर्टफोलियो पीएनबी को सौंप दिया था। इसके बाद लगभग दस वर्षों तक कर्मचारियों को बैंक के जरिए ही लोन मिलता रहा। अब वित्त विभाग ने इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया है।

वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि पात्र कर्मचारियों को ऋण उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक फंड विभागों को उपलब्ध करवाया जाएगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि 31 मई तक पीएनबी से ऋण लेने वाले कर्मचारियों की ईएमआई और पुनर्भुगतान पहले की तरह बैंक को ही जारी रहेगा। यह व्यवस्था तब तक लागू रहेगी, जब तक सरकार और बैंक के बीच पूरा वित्तीय मिलान नहीं हो जाता। माना जा रहा है कि सरकारी खजाने से सीधे लोन मिलने पर कर्मचारियों को ब्याज दरों और शर्तों में अधिक राहत मिल सकती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा