हरियाणा इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विनिर्माण नीति 2026 को मंजूरी
इलेक्ट्रानिक्स कंपोनेंट व सेमीकंडक्टर उद्योगों पर रहेगा सरकार का फोकस
चंडीगढ़, 24 मई (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और सेमीकंडक्टर निवेश को बढ़ावा देने के लिए ‘हरियाणा इलेक्ट्रानिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विनिर्माण नीति 2026’ को मंजूरी प्रदान कर दी है। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में सरकार ने इलेक्ट्रानिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विनिर्माण जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए नई नीति लाने की घोषणा की थी। अब इस नीति को लागू कर हरियाणा सरकार इलेक्ट्रॉनिक अर्थव्यवस्था में अपनी हिस्सेदारी मजबूत करने की तैयारी में है। देश में इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण का आकार वर्ष 2014 के करीब 1.9 लाख करोड़ रुपये से बढक़र अब 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है। मोबाइल फोन, उपभोक्ता इलेक्ट्रानिक्स, आटो इलेक्ट्रानिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश लगातार बढ़ रहा है।
हरियाणा सरकार ने आईएमटी सोहना में लगभग 500 एकड़ क्षेत्र में इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण क्लस्टर विकसित करने की योजना बनाई है। राज्य पहले से ही ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट निर्माण में अग्रणी है। अब सरकार इलेक्ट्रानिक्स और सेमीकंडक्टर उद्योग को भी उसी स्तर तक पहुंचाने की रणनीति पर काम कर रही है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर जैसे औद्योगिक क्षेत्र इलेक्ट्रानिक्स निर्माण के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बन सकते हैं।
नई नीति के तहत सरकार उद्योगों को 20 से 30 प्रतिशत तक पूंजीगत सहायता देगी, जिसकी अधिकतम सीमा प्रति इकाई 200 करोड़ रुपये होगी। इसके अलावा 50 से 80 प्रतिशत तक परिचालन सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिसकी सीमा 20 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष तय की गई है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि हरियाणा में निर्मित इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों को सरकारी खरीद में प्राथमिकता दी जाएगी।
इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र में बड़े निवेश आने से हरियाणा में हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे। मोबाइल कंपोनेंट, पीसीबी असेंबली, डिस्प्ले यूनिट, बैटरी पैक, ऑटो इलेक्ट्रानिक्स और चिप पैकेजिंग जैसे क्षेत्रों में एमएसएमई इकाइयों के लिए भी नए अवसर खुलेंगे। इसके साथ ही राज्य में डिजाइन, रिसर्च एवं डेवलपमेंट और इलेक्ट्रॉनिक स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा