स्कूल बसों और स्कूल परिसरों में सीसीटीवी लगाने के निर्देश
चंडीगढ़, 26 मई (हि.स.)। हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने राज्य में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए सुरक्षित स्कूल वाहन नीति के तहत सभी स्कूल बसों एवं विद्यालय परिसरों में सीसीटीवी कैमरों की स्थापना और रिकॉर्डिंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
आयोग ने जिला नूंह के प्रभात वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय छछेरा में एक छात्रा के साथ कथित अमानवीय व्यवहार के मामले की सुनवाई के दौरान स्कूल प्रबंधन और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई। आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ललित बत्रा तथा सदस्य कुलदीप जैन और दीप भाटिया की पीठ ने पाया कि जिला शिक्षा अधिकारी नूंह और विद्यालय प्रबंधन द्वारा प्रस्तुत रिपोर्टों में गंभीर विरोधाभास हैं।
निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार विद्यालय परिसर में मौजूद दो बसों में से एक में सीसीटीवी कैमरा नहीं था, जबकि दूसरी बस में कैमरा कार्यशील है या रिकॉर्डिंग कर रहा है, इसका कोई प्रमाण स्कूल प्रबंधन नहीं दे सका। दूसरी ओर विद्यालय प्रबंधन ने दावा किया कि स्कूल की सभी छह बसों में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं और रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जा रही है।
इन विसंगतियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए आयोग ने नूंह जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि विद्यालय द्वारा संचालित सभी बसों, कक्षाओं और प्रमुख स्थानों का पुन: निरीक्षण कर सीसीटीवी कैमरों की वास्तविक स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। आयोग ने नूंह के पुलिस अधीक्षक द्वारा की गई कार्रवाई पर भी असंतोष व्यक्त करते हुए मामले की दोबारा जांच और विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए।
असिस्टेंट रजिस्ट्रार डॉ. पुनीत अरोड़ा ने बताया कि राज्यभर की जिला एवं उपमंडल स्तरीय समितियों जिनमें उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, जिला शिक्षा अधिकारी, उपमंडल मजिस्ट्रेट, परिवहन विभाग और हरियाणा रोडवेज के अधिकारी शामिल हैं, को अपने क्षेत्रों में संचालित सभी स्कूल वाहनों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता, रिकॉर्डिंग और डाटा सुरक्षा की जांच कर अनुपालन रिपोर्ट 30 जुलाई की अगली सुनवाई से एक सप्ताह पहले प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा