दयालु, हर घर-हर गृहिणी और पीएम आवास योजना के लाभार्थियों को डीबीटी से मिली सहायता

 


चंडीगढ़, 10 जुलाई (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने शुक्रवार को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे आर्थिक सहायता हस्तांतरित की। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य पारदर्शी और तकनीक आधारित व्यवस्था के जरिए प्रत्येक पात्र नागरिक तक बिना बिचौलियों के समयबद्ध सहायता पहुंचाना है।

मुख्यमंत्री ने दयालु योजना, हर घर-हर गृहिणी योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) सहित विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों के खातों में सहायता राशि जारी की। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और सामाजिक सुरक्षा का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि दयालु योजना के तहत 3 हजार 295 परिवारों को 125.11 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। जारी की गई सहायता को मिलाकर अब तक 77 हजार 590 परिवारों को 2 हजार 925 करोड़ 49 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जा चुकी है।

उन्होंने बताया कि 11 सितंबर से प्रदेश में कुत्ते के काटने, आवारा पशुओं जैसे गाय, सांड, बैल, गधे, कुत्ते, नीलगाय और भैंस आदि के हमले से हुई आकस्मिक मृत्यु, दिव्यांगता अथवा चोट लगने की स्थिति में आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से दयालु योजना-2 लागू की गई है।

हर घर-हर गृहिणी योजना के तहत मई माह की सब्सिडी जारी

मुख्यमंत्री ने बताया कि गैस सिलेंडर रिफिल करवाने वाली 5 लाख 16 हजार बहनों के बैंक खातों में मई माह की 18 करोड़ 97 लाख रुपये की सब्सिडी भी जारी की गई है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रत्येक माह 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आज जारी की गई राशि को मिलाकर अब तक 14 लाख 43 हजार पात्र बहनों के बैंक खातों में कुल 320 करोड़ 97 लाख रुपये की राशि डाली जा चुकी है।

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 20,165 लाभार्थियों को सहायता

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 20 हजार 165 पात्र लाभार्थियों के खातों में मकान निर्माण के लिए 107 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। इस योजना के तहत अब तक 827 करोड़ 22 लाख रुपये की वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जा चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत प्रदेश में 76 हजार 466 मकान स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 41 हजार 260 मकानों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 35 हजार 206 मकानों का निर्माण कार्य प्रगति पर है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा