हरियाणा में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को काडर बदलने का एक और मौका, 30 अक्टूबर तक दे सकेंगे विकल्प
चंडीगढ़, 13 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा में विज्ञापन संख्या 4/2018 के तहत चयनित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को काडर बदलने के लिए सरकार ने एक और अवसर दिया है। बुधवार से संबंधित पोर्टल फिर खोल दिया जाएगा। पात्र कर्मचारी 30 अक्टूबर तक अपना विकल्प दे सकेंगे।
सरकार ने वरिष्ठता को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि काडर बदलने से हर स्थिति में वरिष्ठता प्रभावित होना जरूरी नहीं है। इसका निर्धारण कर्मचारी के चयनित विकल्प और लागू सेवा नियमों के आधार पर किया जाएगा। मानव संसाधन विभाग ने इससे पहले 17 जुलाई को पोर्टल (https://recruitment.groupd.csharyana.gov.in/) शुरू कर कर्मचारियों को विकल्प दिया था कि वे सामान्य काडर में बने रहें या उससे बाहर निकलकर संबंधित विभाग के सेवा नियमों के अधीन आ जाएं। इसके बाद 15 अगस्त को पोर्टल बंद कर दिया गया था।
इसी दौरान सरकार के संज्ञान में आया कि पोर्टल के विकल्प मॉड्यूल पर ऐसा संदेश प्रदर्शित हो रहा था, जिससे कर्मचारियों को यह आशंका हुई कि काडर संबंधी विकल्प चुनने पर उनकी वरिष्ठता समाप्त हो जाएगी। यह संदेश हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) की ओर से मूल रूप से आवंटित विभाग का विकल्प चुनने और किसी अन्य विभाग का विकल्प चुनने, दोनों ही स्थितियों में दिखाई दे रहा था। इससे कर्मचारियों में असमंजस पैदा हुआ और वे सही विकल्प चुनने को लेकर स्पष्ट निर्णय नहीं ले सके।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सामान्य काडर में बने रहने का विकल्प चुनने वाले कर्मचारियों की सेवाएं हरियाणा समूह-डी कर्मचारी (भर्ती और सेवा की शर्तें) अधिनियम, 2018, संशोधित रूप में, के तहत संचालित होंगी। उनकी वरिष्ठता एचएसएससी की ओर से तैयार संयुक्त योग्यता सूची के अनुसार निर्धारित की जाएगी।
जिन कर्मचारियों की नियुक्ति एचएसएससी की सिफारिशों के तहत किसी विभाग में हुई थी और जिन्हें 24 जून 2019 के माध्यम से विभाग बदलने का एकमुश्त अवसर दिया गया था, उनके वरिष्ठता निर्धारण के लिए संबंधित विभाग को प्रारंभिक विभाग माना जाएगा।
यदि ऐसा कर्मचारी वर्ष 2024 के सामान्य स्थानांतरण अभियान के दौरान विभाग बदले बिना उसी विभाग में कार्यरत रहा है और अब सामान्य काडर से बाहर रहने का विकल्प चुनता है, तो उसकी वरिष्ठता संबंधित विभाग पर लागू एचएसएससी की योग्यता या चयन सूची और सेवा नियमों के अनुसार तय की जाएगी।
सरकार के स्पष्टीकरण के अनुसार, जिन कर्मचारियों की नियुक्ति शुरुआत में एक विभाग में हुई थी, लेकिन वर्ष 2024 के सामान्य स्थानांतरण अभियान के दौरान उन्हें दूसरे विभाग में स्थानांतरित कर दिया गया और अब वे वर्तमान विभाग में ही बने रहने का विकल्प चुनते हैं, उन्हें वरिष्ठता निर्धारण के उद्देश्य से उस विभाग में नव नियुक्त कर्मचारी माना जाएगा।
ऐसे कर्मचारियों को लागू सेवा नियमों के अनुसार वर्तमान विभाग की वरिष्ठता सूची में सबसे नीचे रखा जाएगा। यानी संबंधित विभाग में उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि पर उस काडर में कार्यरत सभी कर्मचारियों के बाद उनका स्थान निर्धारित होगा।
सरकार ने पोर्टल दोबारा खोलने का फैसला कर्मचारियों को विकल्प चुनने का एक और अवसर देने और वरिष्ठता संबंधी भ्रम दूर करने के उद्देश्य से लिया है। पात्र कर्मचारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर अपने विकल्प का चयन करना होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा