हरियाणा में बिल्डिंग परमिशन में  लागू होगा ‘सेल्फ-सर्टिफिकेशन’

 


चंडीगढ़, 05 मई (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने बिल्डिंग

परमिशन नियमों में बदलाव की तैयारी कर ली है। टाउन एंड

कंट्री प्लानिंग विभाग के नए ड्राफ्ट नोटिफिकेशन में अनियमित विकास पर

रोक से जुड़े 1965 के नियमों में संशोधन प्रस्तावित किया गया

है। इस बदलाव की खास बात यह है कि सेल्फ-सर्टिफिकेशन

(स्व-प्रमाणीकरण) आधारित परमिशन सिस्टम, जिससे अब आवेदकों को

ऑनलाइन ही मंजूरी मिलने का रास्ता साफ होगा।

विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से जारी

नोटिफिकेशन के प्रस्तावित नियमों के अनुसार, यदि कोई

आवेदक निर्धारित शर्तों को पूरा करता है और स्वयं अपने दस्तावेज व जानकारी

प्रमाणित करता है, तो उसे ऑनलाइन माध्यम से परमिशन स्वतः

प्राप्त मानी जाएगी। यह व्यवस्था खासतौर पर उन लोगों के लिए राहत भरी है, जो

निर्माण या जमीन उपयोग से जुड़ी अनुमतियों के लिए महीनों इंतजार करते थे।

सरकार ने जहां प्रक्रिया आसान की है, वहीं

कड़े प्रावधान भी जोड़े हैं। अगर कोई व्यक्ति गलत जानकारी देता है, तथ्यों को छुपाता है या गुमराह करता है, तो उसकी

अनुमति शुरुआत से ही अमान्य मानी जाएगी। उसे मिली मंजूरी तुरंत खत्म हो जाएगी।

इससे साफ है कि सरकार पारदर्शिता के साथ-साथ जवाबदेही भी सुनिश्चित करना चाहती है।

नाेटिफिकेशन के नियमों में दो अहम नई परिभाषाएं जोड़ी गई हैं। पहली है

कनफॉर्मिंग यूज यानी किसी भूमि या भवन का उपयोग उसी प्रकार होना चाहिए जैसा विकास

योजना में तय किया गया है। दूसरी परिभाषा है कनफॉर्मिंग जोन की। यानी वह क्षेत्र

जहां तय उपयोग के अनुरूप गतिविधियों की अनुमति होगी। सरकार ने इस ड्राफ्ट

नोटिफिकेशन पर आम लोगों से भी सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। 30 दिन के भीतर इसके जवाब दिए जा सकेंगे। कोई भी व्यक्ति लिखित रूप में अपनी

राय दे सकता है। इसके बाद ही सरकार अंतिम निर्णय लेकर नियमों को लागू करेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा