हरियाणा को केंद्रीय करों से मिलेंगे एक लाख करोड़ : नायब सैनी
-सीएम ने केंद्रीय बजट से मिलने वाली योजनाओं पर जारी की रिपोर्ट
चंडीगढ़, 04 फ़रवरी (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में पेश किया गया दूसरा बजट देश के साथ-साथ हरियाणा के लिए भी लाभकारी है। बुधवार को चंडीगढ़ में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2026 से 2031 की अवधि के लिए वित्त आयोग की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है। केंद्रीय करों हरियाणा राज्य का हिस्सा 1.093 प्रतिशत से बढक़र 1.361 प्रतिशत हो गया है। 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा की तुलना में यह लगभग 24.5 प्रतिशत की ऐतिहासिक बढ़ोतरी है और अब तक का सबसे अधिक हिस्सा है। इसका सीधा लाभ यह होगा कि वर्ष 2026-27 में हरियाणा को केंद्रीय करों से लगभग 20 हजार 772 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। यह राशि पिछले वर्ष के संशोधित अनुमान से करीब 5 हजार 547 करोड़ रुपये अधिक है। 16वें वित्त आयोग की अवधि में हरियाणा को करीब एक लाख करोड़ रुपये केंद्रीय करों से प्राप्त होंगे, जो कि हरियाणा को मिलने वाला अब तक का सबसे ज्यादा फंड है।बजट में देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को लगभग 12 लाख 20 हजार करोड़ रुपये तक बढ़ाया गया है। यह निवेश सडक़ों, रेल, शहरी अवसंरचना, औद्योगिक कॉरिडोर और लॉजिस्टिक्स को मजबूत करेगा। इसका सीधा लाभ हरियाणा को मिलेगा, क्योंकि हमारा राज्य दिल्ली-एनसीआर, औद्योगिक गलियारों और राष्ट्रीय राजमार्गों का केंद्र है।
युवा कौशल विकास व शिक्षा क्षेत्र के लिए 1 लाख 39 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, बायोटेक और साइबर सिक्योरिटी जैसी तकनीकों के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का विशेष फंड रखा गया है। इसका सीधा लाभ गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और रोहतक जैसे शैक्षणिक व तकनीकी केंद्रों को मिलेगा, जहां हमारे युवा विश्व-स्तरीय अति-आधुनिक कौशल सीखकर उच्च-आय रोजगार प्राप्त कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप और उद्यमिता के लिए भी 7,500 करोड़ रुपये के प्रावधान से हरियाणा का स्टार्टअप इकोसिस्टम और मजबूत होगा। वर्तमान में, हरियाणा में 9,100 से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बायोफार्मा शक्ति पहल के अंतर्गत 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान, स्वास्थ्य अवसंरचना के लिए 20 हजार करोड़ रुपये व मेडिकल टूरिज्म के लिए 5 हजार करोड़ रुपये का समर्थन दिया गया है। ऐसे में गुरुग्राम, पंचकूला, रोहतक और करनाल जैसे क्षेत्रों में फार्मा क्लस्टर, मेडिकल कॉलेज और आधुनिक अस्पतालों को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट और बायोफार्मा को बढ़ावा देने की योजनाओं से गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत जैसे क्षेत्रों में नई निवेश परियोजनाएं आएंगी। इसके साथ ही, 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टरों के पुनर्जीवन का निर्णय पानीपत, यमुनानगर और अंबाला जैसे पारंपरिक औद्योगिक शहरों को नई ऊर्जा देगा।
उन्होंने कहा कि रेलवे क्षेत्र में भी हरियाणा को एक मजबूत और दूरदर्शी रोडमैप मिला है। हरियाणा को 3 हजार 566 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें से 315 करोड़ रुपये विशेष रूप से राज्य की प्राथमिक और लक्षित परियोजनाओं के लिए रखे गए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा