छह साल आयु होने पर ही मिलेगा पहली कक्षा में दाखिला

 

चंडीगढ़, 07 अप्रैल (हि.स.)। हरियाणा में नए शिक्षा सत्र के दौरान छह साल की आयु पूरी करने वाले बच्चों को ही पहली कक्षा में दाखिला मिलेगा। प्रदेश सरकार ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को पूरी तरह लागू करने के लिए हरियाणा विद्यालय शिक्षा नियम-2003 में संशोधन किया है।

स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा संशोधन नियम-2026 अधिसूचित कर दिया है। पुराने नियमों में पांच साल की आयु वाले बच्चों को पहली कक्षा में दाखिले का प्रावधान था, जिसे अब एक साल बढ़ाकर छह साल किया गया है। उन बच्चों को भी राहत दी गई है, जो 30 सितंबर तक छह साल की आयु पूरी कर लेंगे। हरियाणा निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा के अधिकार अधिनियम-2011 के नियम 10 के तहत प्रवेश की छह माह की विस्तारित अवधि के तक कोई भी बच्चा जैसे ही छह साल की आयु पूरी करेगा, वह उसी दिन से पहली कक्षा में प्रवेश का पात्र होगा।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत पहली कक्षा में दाखिले के लिए बच्चे का छह साल का होना जरूरी है। प्रदेश में इस नियम को चरणवार तरीके से लागू किया जा रहा है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में जहां साढ़े पांच वर्ष की आयु पूरे कर चुके बच्चों को पहली कक्षा में दाखिला दिया गया था, वहीं उससे पहले 2024-25 में पांच साल की आयु पूरी कर चुके बच्चों को दाखिले दिए गए थे। नए शैक्षणिक वर्ष में न्यूनतम आयु सीमा छह वर्ष की होगी।

विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी एवं खंड मौलिक शिक्षा अधिकारियों को हरियाणा निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2011 के नियम 10 का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। छह महीने की विस्तारित अवधि के दौरान दाखिल बच्चों को सिलेबस पूरा कराने और विशेष प्रशिक्षण की जिम्मेदारी स्कूल मुखिया की होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा