हरियाणा: सात साल में सड़क हादसों में 22 हजार की मौत

 


-आदित्य सुरजेवाला के सवाल पर सरकार ने पेश की रिपोर्ट

चंडीगढ़, 31 अगस्त (हि.स.)। हरियाणा की स्टेट हाईवे और जिला सड़के पिछले सात साल से ज्यादा समय में 22 हजार के करीब जिंदगियां निगल चुकी हैं। कैथल से कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला के सडक़ हादसों से जुड़े सवाल के जवाब में सरकार ने विधानसभा में 2019 से जुलाई 2026 तक का आंकड़ा रखा है। इसके मुताबिक इस अवधि में स्टेट हाईवे और जिला सडक़ों पर कुल 47,370 सडक़ हादसे हुए और इनमें 21,996 लोगों की मौत हुई, जबकि 37,634 लोग घायल हुए। सवाल में सरकार से इन्हीं दो श्रेणियों की सडक़ों पर हादसों, मृतकों और घायलों का जिला-वार एवं वर्ष-वार ब्योरा मांगा गया था। आंकड़ों की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हर साल औसतन करीब 6,000 से ज्यादा हादसे और करीब 2,750 मौतें इन सडक़ों पर दर्ज हुईं। यानी औसतन हर दिन करीब आठ लोगों की जान गई। यह आंकड़ा 2019 से जुलाई 2026 तक का है और 2026 में आंकड़े केवल जुलाई तक के हैं।

सरकार के जवाब में एक साफ तस्वीर यह भी निकलकर आती है कि हादसों का बड़ा हिस्सा जिला सडक़ों पर हुआ। 2019 से जुलाई 2026 तक जिला सडक़ों पर 33,682 हादसे हुए, जिनमें 14,495 लोगों की मौत और 26,973 लोग घायल हुए। इसके मुकाबले स्टेट हाईवे पर 13,688 हादसों में 7,501 मौतें और 10,661 घायल हुए। यानी कुल हादसों में जिला सडक़ों की हिस्सेदारी करीब 71 फीसदी रही, जबकि मौतों में भी जिला सडक़ें करीब 66 फीसदी हिस्से के साथ आगे रहीं।

2024 के मुकाबले 2025 में दोनों श्रेणियों की सडक़ों पर हादसे बढ़े। 2024 में स्टेट हाईवे और जिला सडक़ों पर कुल 5,964 हादसे हुए थे, जिनमें 2,756 मौतें हुईं। 2025 में हादसों की संख्या बढक़र 6,480 और मौतों की संख्या 3,059 हो गई। यानी एक साल में हादसों में करीब 9 फीसदी और मौतों में करीब 11 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। 2025 में कुल 5,084 लोग घायल हुए। 2026 के जनवरी से जुलाई तक ही स्टेट हाईवे और जिला सडक़ों पर 3,821 हादसे हो चुके हैं। इनमें 1,841 लोगों की मौत और 3,109 लोग घायल हुए हैं। यानी जुलाई तक हर महीने औसतन करीब 263 हादसे और 127 मौतें दर्ज हुईं। सरकारी आंकड़ों में कई जिलों में जिला सडक़ें विशेष रूप से गंभीर नजर आती हैं। 2025 में गुरुग्राम की जिला सडक़ों पर 860 हादसे और 304 मौतें, करनाल में 443 हादसे और 204 मौतें, फरीदाबाद में 425 हादसे और 165 मौतें, पलवल में 355 हादसे और 150 मौतें तथा सोनीपत में 205 हादसे और 71 मौतें दर्ज की गईं।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा