एचकेआरएन बना युवाओं और कर्मचारियों के शोषण का अड्डा : राव नरेंद्र सिंह

 


19 अगस्त को कांग्रेस करेगी एचकेआरएन कार्यालय का घेराव

2022 से अब तक वसूले गए सर्विस चार्ज का श्वेत पत्र जारी करे सरकार

चंडीगढ़, 13 अगस्त (हि.स.)। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि जिस निगम का गठन युवाओं को रोजगार, कर्मचारियों को सम्मान और ठेकेदारी प्रथा से मुक्ति दिलाने के नाम पर किया गया था, वह आज अस्थाई रोजगार, असुरक्षा और शोषण का माध्यम बनकर रह गया है।

गुरुवार को चंडीगढ़ मुख्यालय पर पत्रकारों से बातचीत में राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि वर्ष 2021 में हरियाणा कौशल रोजगार निगम की स्थापना और 2022 में इसके काम शुरू होने के बाद सरकार ने बड़े-बड़े दावे किए। सरकार ने समान काम-समान वेतन, ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने और कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं देने का वादा किया था, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है।

सरकार 2024 के अपने संकल्प पत्र में करीब 1.20 लाख रोजगार देने का दावा करती है, लेकिन रोजगार के आंकड़ों की वास्तविकता सरकार के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। फरवरी 2026 तक करीब 14.63 लाख युवाओं ने एचकेआरएन में पंजीकरण कराया, जबकि केवल 1.13 लाख लोगों को तैनाती मिली। इनमें 97,051 पहले से कार्यरत कर्मचारी शामिल हैं। ऐसे में सरकार द्वारा बताए जा रहे रोजगार के आंकड़ों में नए रोजगार की वास्तविक संख्या बेहद कम है।

राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि वर्ष 2024 में नई तैनाती का आंकड़ा महज 7,367, वर्ष 2025 में 1,034 और वर्ष 2026 में अब तक केवल 66 लोगों की तैनाती हुई है। इन आंकड़ों से साफ है कि लाखों पंजीकृत युवाओं के बावजूद सरकार रोजगार देने में पूरी तरह विफल रही है।

राव नरेंद्र सिंह ने घोषणा की कि 19 अगस्त को चंडीगढ़ स्थित एचकेआरएन कार्यालय का घेराव किया जाएगा। विधायक आदित्य सुरजेवाला ने कहा कि सरकार बताए कि कर्मचारियों से वसूले जा रहे 1 प्रतिशत सर्विस चार्ज से 2022 से अब तक विभागवार कितनी राशि एकत्र की गई और उसका उपयोग कहां किया गया? उन्होंने मांग की कि सरकार इसका विभागवार श्वेत पत्र सार्वजनिक करे।

सुरजेवाला ने कहा कि नवंबर 2024 में जॉब सिक्योरिटी बिल पारित किया गया था और उसी समय उन्होंने इसमें संशोधन का प्रस्ताव रखा था कि पांच साल की सेवा की शर्त समाप्त की जाए। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बड़ी संख्या में कच्चे कर्मचारियों को नियमित किया गया था। उसी तर्ज पर एचकेआरएन कर्मचारियों को भी नौकरी की सुरक्षा दी जानी चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा