हाईकाेर्ट ने निजी स्कूल शिक्षकों की जनगणना ड्यूटी पर लगाई रोक
सरकार व अन्य पक्षों को नोटिस जारी कर मांगा जवाब
चंडीगढ़, 09 अक्टूबर (हि.स.)। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों की जनगणना में ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी। हाईकोर्ट ने यह फैसला हरियाणा प्रोग्रेसिव स्कूल्स कॉन्फ्रेंस की तरफ से दायर याचिका पर दिया है। याचिका में एक और सात सितंबर 2026 को जारी पत्रों को रद्द करने और अधिकारियों को आगे ऐसी कार्रवाई से रोकने की मांग की गई है। हाईकोर्ट के जस्टिस एचएस बराड़ ने हरियाणा सरकार के आदेश पर रोक लगाते हुए सभी पक्षों से जवाब तलब किया है।
याचिकाकर्ता का मुख्य तर्क है कि जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 4ए के तहत केवल स्थानीय प्राधिकरणों के अधिकारियों और कर्मचारियों को जनगणना संबंधी कार्यों के लिए उपलब्ध कराने का प्रावधान है। निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों के शिक्षक और कर्मचारी इस श्रेणी में नहीं आते। याचिका में कहा गया है कि प्रशासनिक आदेश के माध्यम से निजी स्कूलों के कर्मचारियों को स्थानीय प्राधिकरण के कर्मचारियों के समान नहीं माना जा सकता। कॉन्फ्रेंस ने अधिकारियों की ओर से तीन मार्च 2026 को भेजे गए पत्र का भी हवाला दिया है, जिसमें निजी स्कूलों को जनगणना-2027 के लिए शिक्षकों की सूची उपलब्ध कराने को कहा गया था।
इसके जवाब में संगठन ने 17 मार्च को आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि निजी स्कूलों के शिक्षकों की अनिवार्य तैनाती कानून के अनुरूप नहीं है। हालांकि, 18 मार्च को संबंधित अधिकारी ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। इसी विवाद को लेकर कॉन्फ्रेंस ने इससे पहले भी हाईकोर्ट का रुख किया था। 27 मई 2026 को दाखिल याचिका में निजी स्कूलों के शिक्षकों को जनगणना ड्यूटी पर लगाने के आदेश को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ता का कहना है कि निजी स्कूलों के शिक्षकों को बड़ी संख्या में जनगणना कार्य में लगाने से स्कूलों की नियमित शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित होंगी। संगठन ने दावा किया है कि उसके सदस्य स्कूलों में करीब 16 हजार शिक्षक कार्यरत हैं और उनमें बड़ी संख्या में महिला शिक्षक हैं, जिन पर स्कूलों की शैक्षणिक व पारिवारिक जिम्मेदारियां भी हैं।
याचिका में हाईकोर्ट से एक और सात सितंबर के पत्रों को अधिकार क्षेत्र से बाहर और कानून के विपरीत घोषित कर रद करने, इनके आधार पर की जा रही कार्रवाई पर रोक लगाने तथा भविष्य में निजी स्कूलों के शिक्षकों को जनगणना ड्यूटी पर लगाने से पहले अदालत की अनुमति लेने के निर्देश देने की मांग की गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा