हरियाणा में 20 जुलाई तक कमजोर रहेगा मानसून, गर्मी और उमस बढ़ने के आसार

 


इसके बाद फिर सक्रिय हो सकता है मॉनसून

हिसार, 15 जुलाई (हि.स.)। हरियाणा में आगामी कुछ दिनों तक मानसून की गतिविधियां

कमजोर रहने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून ट्रफ की उत्तरी सीमा जम्मू,

देहरादून, शाहजहांपुर, बस्ती, पटना, बांकुरा, ओडिशा और पश्चिम बंगाल होते हुए बंगाल

की खाड़ी तक बनी हुई है। यह ट्रफ धीरे-धीरे हिमालय की तलहटी की ओर बढ़ रही है, जिसके

प्रभाव से प्रदेश में 20 जुलाई तक मानसून की सक्रियता में कमी बनी रहेगी।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार इस अवधि के दौरान हरियाणा का मौसम आमतौर

पर परिवर्तनशील रहेगा।

प्रदेश में बीच-बीच में आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है,

लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क बना रहेगा। पश्चिमी हवाओं के चलने से दिन के

तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज हो सकती है। वहीं वातावरण में नमी की मात्रा अधिक रहने

के कारण लोगों को गर्मी के साथ उमस का भी सामना करना पड़ेगा।

हालांकि मौसम पूरी तरह शुष्क नहीं रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि स्थानीय

परिस्थितियों और वातावरण में मौजूद नमी के प्रभाव से प्रदेश के कुछ स्थानों पर गरज-चमक

और तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। हालांकि ऐसी गतिविधियां

छिटपुट इलाकों तक ही सीमित रहने की संभावना है और प्रदेशभर में व्यापक वर्षा के फिलहाल

कोई संकेत नहीं हैं।

हिसार स्थित एचएयू के मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बुधवार

को बताया कि 20 जुलाई के बाद मानसून ट्रफ के फिर से दक्षिण की ओर आने की संभावना बन

रही है। इसके चलते हरियाणा में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो सकता है और कई जिलों में

बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। ऐसे में किसानों और आम नागरिकों

को मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमानों पर नजर बनाए रखने तथा बदलते मौसम को

देखते हुए आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर