हरियाणा: दो लाख मतदाताओं की एक से अधिक स्थानों पर वोट

 


-एसआईआर के बाद राज्य की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी

-मृत्यु के बाद 7.66 लाख मतदाताओं के नाम कटे

चंडीगढ़, 31 जुलाई (हि.स.)। हरियाणा में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के बाद शुक्रवार को निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची का ड्राफ्ट जारी कर दिया। 15 जून से 31 जुलाई तक चले अभियान के अंतर्गत 2 करोड़ 6 लाख 55 हजार 929 मतदाताओं में से 34 लाख मतदाता ऐसे हैं, जो धरातल पर मौजूद नहीं मिले। इन मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से काट दिए गए हैं, जिसके बाद राज्य निर्वाचन विभाग ने प्रारंभिक मतदाता सूचियों का ड्राफ्ट जारी कर दिया है।

इन सूचियों के आधार पर 30 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की स्थिति में ऐसे मतदाताओं के नाम दोबारा मतदाता सूचियों में जोड़े जा सकेंगे। इसके लिए इन मतदाताओं को अपने प्रत्यक्ष मौजूद होने का प्रमाण देना होगा।

हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास के अनुसार विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान प्रदेश के 2 करोड़ 6 लाख 55 हजार 929 पंजीकृत मतदाताओं में से 1 करोड़ 72 लाख 72 हजार 627 (83.64 प्रतिशत) मतदाताओं ने अपने गणना प्रपत्र जमा किए। जिन पात्र नागरिकों का नाम किसी कारणवश सूची में शामिल नहीं हो पाया है, वे निर्धारित घोषणा-पत्र के साथ प्रपत्र-6 भरकर अपना दावा प्रस्तुत कर सकते हैं। सभी दावों और आपत्तियों का निपटारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाएगा।

एसआईआर अभियान के अंतर्गत हरियाणा में 24.30 लाख मतदाता स्थानांतरित, अनुपस्थित अथवा अन्य श्रेणियों में मिले, जबकि 7.66 लाख मतदाताओं की मृत्यु हो गई है, जिस कारण उनके नाम मतदाता सूचियों से काट दिए गए हैं। 2.04 लाख मतदाताओं के नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज पाए गए। अभियान पूरा होने के बाद शुक्रवार को प्रदेश की सभी 90 विधानसभा सीटों की प्रारंभिक निर्वाचक नामावली प्रकाशित कर दी गई।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, पुनरीक्षण अभियान को सफल बनाने के लिए निर्वाचन विभाग ने पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर घर-घर सत्यापन कराया। इस दौरान 23 जिलों, 90 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (इआरओ), 4,594 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, 2,244 बीएलओ पर्यवेक्षकों तथा 20,629 बूथ स्तर अधिकारियों (बीएलओ) ने जिम्मेदारी निभाई। राजनीतिक दलों की ओर से नियुक्त 36,998 बूथ स्तरीय अभिकर्ताओं (बीएलए) ने भी अभियान में सहयोग किया। बीएलओ ने प्रत्येक घर तक पहुंचकर गणना प्रपत्र वितरित किए और उन्हें प्राप्त करने के लिए कम से कम तीन बार संपर्क किया।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि चार जुलाई 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके पात्र युवा भी दावे-आपत्तियों की अवधि में अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करा सकते हैं। प्रारंभिक निर्वाचक नामावली संबंधित इआरओ, एइईआरओ और बीएलओ कार्यालयों के अलावा मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट तथा इसीआइएनइटी मोबाइल ऐप पर भी उपलब्ध करा दी गई है। ए श्रीनिवास के अनुसार 28 सितंबर तक दावे और आपत्तियों का निपटान किया जा सकेगा। अंतिम मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन तीन अक्टूबर को होगा।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा