हरियाणा में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर अब नहीं होगी ढिलाई
चंडीगढ़, 06 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा पुलिस ने यातायात नियमों के पालन, सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नेक्स्ट जेन ई-चालान प्रणाली को प्रदेशभर में लागू कर दिया है। इस तकनीक आधारित व्यवस्था के तहत यातायात उल्लंघनों पर कार्रवाई न केवल अधिक पारदर्शी और डिजिटल होगी बल्कि चालान जारी होने से लेकर उसके निस्तारण तक पूरी प्रक्रिया समयबद्ध और जवाबदेह रहेगी।
हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशकों, पुलिस महानिरीक्षकों, पुलिस अधीक्षकों सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में यातायात प्रबंधन, सड़क सुरक्षा तथा प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में एडीजीपी विकास अरोड़ा ने प्रदेश में यातायात प्रबंधन और प्रवर्तन को लेकर किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के निर्देशानुसार नेक्स्ट जेन ई-चालान प्रणाली लागू की गई है। नई व्यवस्था के तहत यातायात उल्लंघन के बाद तीन दिनों के भीतर नोटिस भेजा जाएगा और वाहन चालक को 45 दिनों के भीतर चालान स्वीकार करने अथवा उसे चुनौती देने का अवसर मिलेगा। निर्धारित अवधि में कोई कार्रवाई नहीं करने पर चालान स्वतः स्वीकार माना जाएगा। यदि वाहन चालक चालान के विरुद्ध शिकायत दर्ज करता है तो उसका निस्तारण 30 दिनों के भीतर करना अनिवार्य होगा।
निर्धारित अवधि में शिकायत का निस्तारण नहीं होने पर शिकायत स्वतः स्वीकार मानी जाएगी। हर जिले में एक नोडल अधिकारी तथा दो शिकायत निवारण अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
शिकायत खारिज होने की स्थिति में वाहन चालक चालान राशि का 50 प्रतिशत जमा कराकर न्यायालय में चुनौती दे सकता है, जबकि स्वीकार किए गए चालान का भुगतान 90 दिनों के भीतर करना होगा। यह व्यवस्था यातायात प्रवर्तन को कागजी प्रक्रिया से निकाल कर डिजिटल, पारदर्शी और जवाबदेह प्रणाली में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
बैठक में पुलिस अधीक्षक पुष्पा खत्री ने बताया कि हरियाणा पुलिस द्वारा वर्ष 2026 में यातायात नियमों के उल्लंघन के विरुद्ध व्यापक स्तर पर कार्रवाई की गई है।
इस दौरान बिना नंबर प्लेट के 1,40,851, लेन ड्राइविंग के 3,03,435, ड्रंकन ड्राइविंग के 37,332, गलत दिशा में वाहन चलाने के 2,68,360, बिना हेलमेट के 9,75,160, बिना पीयूसी के 77,413 तथा ओवर-स्पीडिंग के 3,67,118 मामलों में कार्रवाई की गई।
बैठक में एनसीआर क्षेत्र में बीएस-3 और इससे नीचे के वाहनों के संचालन से संबंधित प्रतिबंधों तथा सरकार की वाहन स्क्रैपिंग नीति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। एडीजीपी ट्रैफिक ने बताया कि प्रदेश में पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग के लिए 27 स्क्रैपिंग सेंटर स्थापित किए गए हैं। पात्र वाहन मालिक अपने पुराने वाहनों को स्क्रैप कराकर निर्धारित स्क्रैप मूल्य, वाणिज्यिक कर में छूट तथा नया वाहन खरीदने पर नियमानुसार मिलने वाली रियायतों का लाभ उठा सकते हैं। डीजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वाहन स्क्रैपिंग नीति के बारे में आमजन को व्यापक स्तर पर जागरूक किया जाए तथा संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर इसके प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा