धान खरीद गड़बड़ी पर 12 एफआईआर, 75 अधिकारी चार्जशीट, 28 निलंबित

 

- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सदन में पेश की रिपोर्ट

चंडीगढ़, 27 फ़रवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य में धान खरीद में हुई गड़बड़ियों को घोटाला मानने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोई धान घोटाला नहीं हुआ। शुक्रवार को विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विपक्षी कांग्रेस एवं इनेलो विधायकों द्वारा पेश किए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में मुख्यमंत्री ने इस संबंध में रिपोर्ट पेश की।

कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा, गीता भुक्कल, बीबी बत्रा, आदित्य देवीलाल, आदित्य सुरजेवाला और शैली चौधरी ने स्पीकर को चर्चा के लिए यह ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दिया था।

उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा उसे पांच हजार करोड़ रुपये के घोटाले के रूप में पेश करना निंदनीय है। नायब सैनी ने कहा कि अनियमितताएं सामने आने के बाद सरकार ने दोषी आढ़तियों, अधिकारियों व चावल मिल मालिकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में जानकारी दी कि धान खरीद की अनियमितताएं सामने आने के बाद 12 एफआईआर दर्ज कराई गई हैं, जिसके बाद खाद्य एवं आपूर्ति, हैफेड तथा मार्केटिंग बोर्ड के 75 अधिकारियों व कर्मचारियों को चार्जशीट किया गया। इनमें से राज्य सरकार ने 28 अधिकारियों व कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। चावल मिल मालिकों से 6 करोड़ 37 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी अनियमितताएं बरतने वाले अधिकारी व कर्मचारी सरकार के रडार पर रहेंगे। उन्हें किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

अशोक अरोड़ा और आदित्य देवीलाल ने आरोप लगाया था कि पूरे राज्य में करीब पांच हजार करोड़ रुपये का धान घोटाला हुआ है। किसानों ने कम फसल का उत्पादन किया और खरीद ज्यादा हुआ है। राज्य की मंडियों में उत्तर प्रदेश और बिहार से सस्ता धान लाकर महंगा बेचा गया है। खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर द्वारा प्रारंभिक जवाब देने के बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी ने स्वयं मोर्चा संभाल लिया।

मुख्यमंत्री द्वारा जवाब दिए जाने के दौरान अशोक अरोड़ा, गीता भुक्कल, बीबी बत्रा, आफताब अहमद, रघुवीर सिंह तेवतियां ने बार-बार हस्तक्षेप किया, जिस पर स्पीकर हरविन्द्र कल्याण ने नाराजगी जताई। रघुवीर तेवतिया, जस्सी पेटवाल, बलराम दांगी, विकास सहारण और इंदुराज नरवाल ने कहा कि हमारे पास इस बात के प्रमाण हैं, जिससे यह साबित हो कि धान खरीद में घोटाला हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बात स्वीकार करने में हमें कोई हर्ज नहीं है कि जब कोई व्यवस्था बनाई जाती है तो उसमें अनियमितताएं हो जाती हैं, लेकिन इन अनियमितताओं के साामने आने पर हमारी सरकार ने तुरंत कड़ी से कड़ी कार्रवाई की है। विपक्ष द्वारा इन अनियमितताओं को धान घोटाले के रूप में पेश करना उचित नहीं है।

नायब सैनी ने सदन में 2021 से 2025 तक धान की पैदावार के आंकड़े भी सदन के पटल पर रखे। हमारी सरकार ने 11 साल के भीतर किसानों के खातों में 1 लाख 64 हजार करोड़ रुपये सीधे खातों में डाले हैं। कांग्रेस के राज में एक-एक साल तक किसानों को उनकी फसल का पैसा नहीं मिल पाता था।

-------------

हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा