हरियाणा में आंधी व तूफान से बिजली के 13 हजार 277 खंभे क्षतिग्रस्त
-बिजली व्यवस्था बहाली में लगे 1,552 कर्मचारी
चंडीगढ़, 13 जून (हि.स.)। हरियाणा में पिछले दो दिनों के भीतर आई आंधी व तूफान से बिजली के 13 हजार 277 खंभे क्षतिग्रस्त हुए हैं। राज्य में बिजली आपूर्ति को सुचारू बनाने के लिए विभाग के 1552 कर्मचारी फील्ड में लगातार सक्रिय हैं।हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने प्रदेश में हाल ही में आए आंधी-तूफान के कारण प्रभावित हुई बिजली व्यवस्था का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को जल्द बहाल किया जाए तथा प्रभावित उपभोक्ताओं को न्यूनतम समय में राहत पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि बिजली व्यवस्था को शीघ्र सामान्य बनाने के लिए विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
विज ने बताया कि तेज आंधी और तूफान के कारण प्रदेश के विभिन्न जिलों में कुल 13,277 बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त अथवा उखड़ गए, जिनकी मरम्मत एवं पुनर्स्थापना का कार्य तेजी से जारी है। इनमें उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) के 2,791 तथा दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) के 10,486 खंभे शामिल हैं। उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को जल्द से जल्द सुचारू करने के लिए विभाग द्वारा 1,552 कर्मचारियों की विशेष टीमें तैनात की गई हैं। इनमें यूएचबीवीएन के 620 तथा डीएचबीवीएन के 932 कर्मचारी एवं तकनीकी दल शामिल हैं, जो दिन-रात फील्ड में रहकर बिजली लाइनों, ट्रांसफार्मरों एवं अन्य बिजली ढांचे की मरम्मत का कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि आंधी-तूफान की वजह से प्रदेश में 233 गांवों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है, इसमें यूएचबीवीएन के तहत 32 गांव है जबकि डीएचबीवीएन के 201 गांव है। इसी प्रकार, प्रदेश में 842 फीडर प्रभावित हुए है जिनमें यूएचबीवीएन के 458 और डीएचबीवीएन 384 फीडर शामिल है। विभाग की तत्परता और कर्मचारियों की मेहनत से अधिकांश क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई है। शेष प्रभावित क्षेत्रों में भी तेजी से कार्य किया जा रहा है और विभाग का लक्ष्य है कि सभी उपभोक्ताओं को जल्द से जल्द निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाए।
विज ने कहा कि राज्य सरकार और ऊर्जा विभाग आमजन को बेहतर एवं निर्बाध बिजली सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मरम्मत कार्यों की लगातार निगरानी की जाए तथा जहां भी आवश्यक हो, अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएं ताकि बिजली आपूर्ति बहाली में किसी प्रकार की देरी न हो।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा