राहुल गांधी हरियाणा आकर करें डिबेट, युवा मोर्चा अध्यक्ष भी पूछेंगे सवाल : नायब सैनी
चंडीगढ़, 06 नवंबर (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से दी गई बहस की चुनौती पर पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी हरियाणा आकर डिबेट कर सकते हैं। इसके लिए प्रदेश में जगह उपलब्ध करवा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष भी वहां मौजूद रहेंगे और राहुल गांधी से सवाल करेंगे। ऐसा नहीं हो सकता कि एक तरफ से केवल झूठ बोला जाए और फिर भागकर चले जाएं।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अगर कांग्रेस को चुनाव प्रक्रिया को लेकर कोई परेशानी है तो उसे मुख्य चुनाव आयुक्त के सामने अपनी बात रखनी चाहिए। चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संस्था है और अदालतों के दरवाजे भी खुले हैं। कांग्रेस वहां जाकर अपनी बात क्यों नहीं रखती? केवल घर बैठकर और लोगों को दिखाने के लिए आरोप लगाने से कुछ नहीं होगा।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस के पास आज जनता के बीच जाने के लिए कोई मुद्दा नहीं है। इसलिए वह वोट चोरी के नाम पर देश को गुमराह करने और लोकतंत्र तथा चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस को यदि कहीं किसी मतदाता का नाम कटने या गलत दर्ज होने की शिकायत है, तो चुनाव आयोग ने इसके लिए पूरी प्रक्रिया निर्धारित की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में बुजुर्गों को छह-छह महीने तक पेंशन नहीं मिलती थी। बुजुर्गों को अपनी पेंशन के लिए परेशान होकर सरकारी दफ्तरों और नेताओं के दरवाजों के चक्कर काटने पड़ते थे।
कांग्रेस के नेता आज वोट चोरी की बात करते हैं, लेकिन उन्हें अपने शासनकाल में गरीबों, बुजुर्गों और जरूरतमंदों के साथ किए गए व्यवहार का जवाब देना चाहिए। कांग्रेस के समय गरीब व्यक्ति को 200 रुपये का लाभ पहुंचाने की बात होती थी, लेकिन उसमें से 150 रुपये कहां चले जाते थे, इसका किसी को पता नहीं चलता था और गरीब के हाथ में केवल 50 रुपये आते थे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लंबे समय तक देश पर शासन किया। देश की जनता ने उन्हें एक नहीं, बल्कि कई पीढिय़ों तक अवसर दिया। लोगों ने सोचा कि शायद अगली पीढ़ी देश के लिए कुछ करेगी, लेकिन हालात नहीं बदले। दादा और पोते के समय में भी वही ढ़ाक के तीन पात वाली स्थिति रही।
मुख्यमंत्री ने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब में चुनाव के समय महिलाओं को एक हजार रुपये देने का वादा किया गया था। पांच साल में यह राशि 50 हजार रुपये बनती है। अब चुनाव नजदीक आते ही महिलाओं के खातों में एक हजार रुपये डालने की बात की जा रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने महिलाओं से जो वादा किया था, उसे पूरा करने की दिशा में काम किया है। पंजाब में प्राकृतिक आपदा के समय भी किसानों की सहायता के मामले में राजनीति की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब को 1600 करोड़ रुपये और हिमाचल प्रदेश को 1500 करोड़ रुपये की सहायता दी। पंजाब में सहायता राशि के उपयोग को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आपदा के समय जब पंजाब में पशुओं में बीमारी फैली, तो वहाँ के लोगों ने पशुओं के इलाज के लिए मदद की अपील की, जिस पर हरियाणा ने पशुओं के उपचार के लिए डॉक्टर और दवाइयाँ भेजने का आग्रह किया, लेकिन पंजाब सरकार ने अनुमति नहीं दी। यह कोई राजनीतिक विषय नहीं था, बल्कि मानवता का विषय था।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा