गुरुग्राम में जलभराव काे लेकर मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत
चंडीगढ़, 26 अगस्त (हि.स.)। गुरुग्राम में बारिश के बाद जलभराव समस्या काे लेकर गुरुग्राम के सांसद एवं केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत बुधवार काे चंडीगढ़ पहुंचे और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद राव इंद्रजीत ने खुलकर अधिकारियों के कुप्रबंधन को जलभराव के लिए जिम्मेदार ठहराया और कहा कि मास्टर प्लान में जहां जल निकासी व नाले बनाए गए थे आज वहां कॉलोनियां बस चुकी हैं। जबतक अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं होगी तब तक गुरुग्राम की जनता परेशान होती रहेगी। 24 अगस्त को गुरुग्राम में लगातार 9 घंटे बारिश हुई थी।
इसकी वजह से शहर के सुभाष चौक, राजीव चौक, इफको चौक समेत अन्य जगहों पर कई फीट पानी भर गया था। कार और स्कूल बसें डूबने की भी तस्वीरें आईं।
गुरुग्राम इस मानसून सीजन के दौरान कई बार स्कूलों में छुट्टी करनी पड़ी तथा उद्योगों एवं कंपनियों में वर्क फ्राम होम करना पड़ा।
इसके बाद से सोशल मीडिया पर गुरुग्राम लगातार ट्रोल हो रहा है। एक कंपनी के कर्मचारियों द्वारा गुरुग्राम के बरसाती पानी में किश्ती चलाए जाने को लेकर भी विवाद हो चुका है।
यह मामला इतना बढ़ा कि बुधवार को राव इंद्रजीत चंडीगढ़ पहुंच गए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इन इलाकों में साल-दर-साल जलभराव होता है।
इसी मुद्दे को लेकर वह आज मुख्यमंत्री से मिलने आए थे। जहां काम नहीं हुआ है, वहां अधिकारियों से जवाब-तलब किया जा रहा है। राव इंद्रजीत ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी से गुरुग्राम में हर साल होने वाले जलभराव की समस्या को लेकर चर्चा हुई। केवल अस्थायी इंतजामों से इसका समाधान नहीं होगा। इसके लिए तकनीकी आधार पर स्थाई योजना बनानी होगी। पिछले 20 साल में जलभराव की समस्या लगातार बढ़ी है। पहाड़ों और नालों से आने वाला पानी पहले ड्रेन नंबर-8 तक पहुंचता था, लेकिन कई जगह इसके रास्ते में कॉलोनियां काट दी गईं। सड़कों का निर्माण होने के साथ बिल्डरों ने भी कई जगह अवैध कब्जे कर लिए।
अंडरग्राउंड ड्रेनेज का सुझाव
राव इंद्रजीत ने कहा कि इन निर्माणों को आसानी से हटाना संभव नहीं है।
इसलिए उन्होंने मुख्यमंत्री को सुझाव दिया है कि जहां पानी के प्राकृतिक रास्ते बाधित हो गए हैं, वहां मेट्रो की तर्ज पर भूमिगत जल निकासी की व्यवस्था बनाई जाए। जहां नाले रुक रहे हैं, वहां नीचे से पानी निकालने का रास्ता बनाया जा सकता है। इससे गुरुग्राम में जलभराव की समस्या से स्थायी राहत मिल सकती है।
राव इंद्रजीत ने कहा कि पानी को एक जगह रोकने से समस्या खत्म नहीं होगी। एक जगह पानी रोकने पर वह दूसरी जगह से निकल जाएगा। इसलिए तकनीकी विशेषज्ञों, खासकर आईआईटी के विशेषज्ञों से सलाह लेकर ठोस रोडमैप तैयार करना होगा। सरकार इस दिशा में काम कर रही है। जिन कामों में देरी हुई है, उनके लिए अधिकारियों से जवाब तलबी भी ली जा रही है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा