हरियाणा: श्रम विभाग में फर्जी स्लिप घोटाले की जांच को बनाई कमेटी
चंडीगढ़, 01 जनवरी (हि.स)।हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने श्रम विभाग में हुए फर्जी स्लिप घोटाले की जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी का गठन कर दिया है। हरियाणा सरकार ने मीडिया रिपोर्ट के हवाले से कहा कि इस संबंध में हरियाणा के श्रम मंत्री द्वारा लिखा गया कोई पत्र सीएमओ को नही मिला है।
हरियाणा के श्रम मंत्री अनिल विज ने अपने ही विभाग में करीब 1500 करोड रुपए का फर्जी स्लिप घोटाला होने का दावा किया था। अनिल विज द्वारा कराई गई आंतरिक जांच में अभी तक 13 जिलों की रिपोर्ट आने का दावा किया गया था।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने गुरुवार की शाम एक जांच समिति का गठन कर दिया गया। यह कमेटी एक माह के भीतर अपने विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।
सरकारी प्रवक्ता ने गुरुवार की रात जारी जानकारी में बताया कि विभाग द्वारा इस विषय पर एक फाइल प्रस्तुत की गई थी, जिसमें मुख्यमंत्री को सूचित किया गया कि विभाग ने मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की है और 13 जिलों की रिपोर्ट तैयार है, लेकिन शेष नौ जिलों की रिपोर्ट लंबित हैं। इसलिए विभाग ने सूचित किया कि शेष जिलों की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद पूर्ण रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया और अगले ही दिन फाइल वापस भेज दी तथा श्रम मंत्री से सभी जिलों की पूर्ण रिपोर्ट, वित्तीय हानि के सही आंकड़ों समेत प्रस्तुत करने को कहा।
रिपोर्ट अभी तक लंबित है। यह मुद्दा निर्माण श्रमिकों और श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत उन्हें मिलने वाले लाभों से संबंधित है। आरोप लगाया गया है कि जिन कार्यों पर उन्होंने श्रम किया था, वे सही नहीं हैं, इसलिए उनका भवन निर्माण श्रमिक के रूप में दर्ज होना संदिग्ध प्रतीत होता है।
आरोपों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए, मुख्यमंत्री ने आईएएस पंकज अग्रवाल की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की है, जिसमें राजीव रतन, आईएएस और पंकज नैन, आईपीएस सदस्य हैं।
यह समिति पूरे मामले की जांच करेगी और विभिन्न अधिकारियों तथा अन्य लोगों द्वारा की गई अनियमितताओं का पता लगाएगी। इसके अलावा, यह समिति विभाग को सुधारात्मक या निवारक उपायों की भी सिफारिश करेगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटना न हो। यह समिति सभी तथ्यों की जांच कर एक माह में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा