रोहतक: हरियाणा विधानसभा कमेटी ने पीजीआईएमएस का किया निरीक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं का लिया जायजा

 




कमेटी अध्यक्ष रामकुमार कश्यप बोले, डाक्टरों की कमी को जल्द किया जाएगा पूरा, सरकार पूरी तरह से गंभीर

रोहतक, 05 फ़रवरी (हि.स.)। हरियाणा विधानसभा तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा, मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की विधायकों की कमेटी ने गुरूवार को पीजीआईएमएस रोहतक का दौरा किया। इस कमेटी ने यहां पीजीआईएमएस में सुविधाओं का जायजा लिया और कामकाज की समीक्षा की। कमेटी की अध्यक्षता इंद्री विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक रामकुमार कश्यप ने की। कमेटी में अध्यक्ष के अलावा दस अन्य विधायक भी शामिल हैं। हालांकि इस दौरे में कुल 8 विधायक मौजूद रहे।

इस कमेटी के सदस्यों ने हेल्थ यूनिवर्सिटी के वीसी और पीजीआईएमएस रोहतक के डायरेक्टर के साथ भी मीटिंग की। इस दौरान कमियों को जल्द दूर करने के निर्देश दिए गए। बाद में पत्रकारों से बातचीत में विधानसभा कमेटी के अध्यक्ष रामकुमार कश्यप ने बताया कि पीजीआईएमएस में सभी प्रकार की सुविधाओं का जायजा लिया गया। संस्थान में दवाइयों की कमी नहीं है, लेकिन डॉक्टरों की कमी की बात सामने आई है। हालांकि अधिकारियों ने बताया कि डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही रिक्त पद भरे जाएंगे। उन्होंने बताया कि अन्य प्रकार की कमियों को पूरा करने के लिए अधिकारियों को समयसीमा दी गई है। बरौदा विधानसभा क्षेत्र से विधायक इंदूराज नरवाल ने कहा कि विधानसभा समिति के दौरे में मरीजों से बातचीत की गई। इसके अलावा पीजीआईएमएस में बहुत सारी कमियां मिली हैं।

वार्डों का भी बुरा हाल है। इस बारे में अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि सुधार किया जाएगे। वे व्यक्तिगत तौर पर भी पीजीआईएमएस का दौरा कर सुविधाओं का जायजा लेंगे। बादली से कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने कहा कि पीजीआईएमएस में पूरे हरियाणा से लोग आते है और यहां पर काफी खामियां मिली है। काफी प्रोजेक्ट अधूरे पडे है, जिन पर कोई काम नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि पीजीआई में 22 सौ बेड है और 1350 नर्स है तो इसी बात से अंदाज लगाया जा सकता है कि कैसे मरीजों का ईलाज हो रहा है। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री से मिलेगे और विधानसभा में भी इस मामले को प्रमुखता से उठाया जाएगा। साथ ही उन्होंने केन्द्रीय बजट को लेकर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि मौजूदा बजट किसान और मजदूर विरोधी है और केंद्र सरकार की नीतियां किसानों व मेहनतकश वर्ग को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही हैं। पीजीआई के अधिकारियों ने कमेटी के सदस्यों को जल्द समस्याओं के समाधान का भी आश्वासन दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल