गुरुग्राम: सीएलयू भी नहीं, हाईकोर्ट का स्टे ऑर्डर होते हुए किया जा रहा ढाबे का निर्माण

 


-जमीन के मालिक बोहड़ाकलां निवासी चंद्रपाल ने की कार्रवाई की मांग

-पुलिस में शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं करने का लगाया आरोप

गुरुग्राम, 02 नवंबर (हि.स.)। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर सिधरावली के नजदीक बने मन्नत ढाबा ग्रीन बेल्ट में चल रहा है। साथ ही यह ढाबा बिना सीएलयू (चेंज ऑफ लेंड यूज) चलाया जा रहा है। यह आरोप भोड़ाखुर्द निवासी चंद्रपाल ने यहां पत्रकार वार्ता में लगाए। उन्होंने कहा कि मन्नत ढाबा के आसपास उनके परिवार की करीब 830 कनाल 15 मरला जमीन है, जिसमें से करीब दो एकड़ में यह ढाबा बनाया हुआ है। इस ढाबे को ग्रीन बेल्ट में अवैध रूप से संचालित किया जा रहा है।

चंद्रपाल के मुताबिक पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट ने ढाबे समेत पूरी जमीन पर स्टे ऑर्डर जारी किए हुए हैं, लेकिन कोर्ट की अवमानना को लेकर जिला प्रशासन भी कार्रवाई नहीं कर रहा है। इस संबंध में दो दिन पहले वे सीएम के जनता दरबार में भी शिकायत दे चुके हैं, जहां सीएम नायब सिंह सैनी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। चंद्रपाल ने बताया कि हाई कोर्ट के 18 जनवरी 2024 को अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखे जाने के आदेश के बावजूद ढाबे में निर्माण कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वे जिला उपायुक्त गुरुग्राम, एसडीएम व डीटीपीई अमित मधोलिया को शिकायत दे चुके हैं, लेकिन इसे सिविल का मैटर कहकर कार्रवाई नहीं की जा रही है। जबकि खुलकर कोर्ट के आदेशों की अवमानना के बावजूद ढाबा संचालकों के पक्ष में रिपोर्ट दे दी जाती है। चंद्रपाल ने बताया कि करीब एक साल पहले आठ नवंबर 2025 को डीटीपीई अमित मधोलिया ने हाईवे के किनारे ढाबों के खिलाफ चार सप्ताह में कार्रवाई की बात कही थी, लेकिन किसी भी अधिकारी ने कोई कार्रवाई नहीं की।चंद्रपाल का कहना है कि उन्होंने संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को कई बार शिकायतें दी हैं। पुलिस ने जांच में शिकायतकर्ता को ही गलत ठहराया है। इसकी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर