गुरुग्राम: बरसात से बचने को जिस दीवार का सहारा लिया वही मौत बनकर गिरी

 

-जर्जर दीवार ढहने से उसके नीचे दबकर दो मजदूरों की मौत

-मेरठ के किठौर गांव के रहने वाले थे मृतक सूरज और दयानंद

गुरुग्राम, 07 अगस्त (हि.स.)। यहां डीएलएफ फेज-2 स्थित एक निजी स्कूल में शुक्रवार दोपहर तेज बारिश के दौरान दीवार ढहने से दबे दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों बारिश से बचने के लिए दीवार के पास खड़े हुए थे। घटना की सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि हादसे में मरने वालों की पहचान सूरज और दयानंद निवासी जिला मेरठ के रूप में हुई है।

जानकारी के अनुसार डीएलएफ फेज-2 में स्थित इस निजी स्कूल में बिल्डिंग के एक्सटेंशन का काम चल रहा था। दोनों मजदूर स्कूल परिसर में पुराने पेड़ हटाकर उनकी जगह नए पेड़ लगाने का काम करने के लिए आए थे। दोपहर बाद अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। दोनों बरसात में भीगने से बचने के लिए पास की ही एक पुरानी बिल्डिंग के पास जाकर खड़े हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बारिश तेज होने के कुछ ही देर बाद बिल्डिंग की पुरानी और कमजोर दीवार अचानक भरभरा कर गिर गई। मलबे के नीचे दबने से सूरज और दयानंद गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्कूल स्टाफ और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और मलबा हटाकर दोनों को बाहर निकाला। लेकिन तब तक दोनों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया था। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। स्थानीय लोगों और मजदूरों ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि स्कूल में निर्माण कार्य चल रहा था, लेकिन परिसर में मौजूद जर्जर और खतरनाक दीवारों को पहले नहीं हटाया गया। बारिश का मौसम देखते हुए सुरक्षा इंतजाम भी नहीं किए गए थे। पुलिस ने मामले में स्कूल प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही और गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। दोनों मृतक परिवार में कमाने वाले इकलौते थे।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर