गुरुग्राम: ट्यूबवेल के पानी की जांच करवा किसान फसल उत्पादन को बढ़ाएं: दिनेश लुहाच
गुरुग्राम, 31 जुलाई (हि.स.)। किसान अपने खेतों के ट्यूबवेल के पानी की नियमित रूप से जांच अवश्य करवाएं। सिंचाई के पानी की गुणवत्ता फसल उत्पादन और उपज को सीधे तौर पर प्रभावित करती है। पानी में अधिक लवणता (नमक की मात्रा) और क्षारीयता होने से मिट्टी की उर्वरता तथा उत्पादन क्षमता पर बुरा असर पड़ सकता है। यह बात पटौदी के एसडीएम दिनेश लुहाच ने शुक्रवार काे किसानों से अपील करते हुए कही।
एसडीएम दिनेश लुहाच ने कहा कि समय पर ट्यूबवेल के पानी की जांच कराने से किसान सही फसल का चयन कर सकते हैं और खाद व उर्वरक का सही और संतुलित प्रबंधन कर सकते हैं। एसडीएम ने किसानों को ट्यूबवेल के पानी का नमूना (सेंपल) लेने का सही तरीका बताते हुए कहा कि किसान ट्यूबवेल को कम से कम 30 मिनट तक लगातार चलाने के बाद ही पानी का सेंपल लें।
इसके लिए लगभग 500 मिलीलीटर (या एक लीटर) पानी एक साफ प्लास्टिक की बोतल में भरें। बोतल के ऊपर किसान अपना नाम, एम.एफ.एम.बी. (मेरी फसल-मेरा ब्योरा) आईडी, गांव का नाम, किला/खसरा नंबर, मोबाइल नंबर और बोरवेल की गहराई (फीट में) स्पष्ट रूप से अंकित करें। तैयार किए गए इस नमूने को किसान अपनी निकटतम मृदा स्वास्थ्य जांच प्रयोगशाला (सॉइल टेस्टिंग लैब) में जमा करवा सकते हैं। एडीएम ने किसानों से आग्रह किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर ही वे फसलों का चुनाव करें और सिंचाई जल का उचित प्रबंधन अपनाएं। योजना एवं प्रयोगशालाओं की अधिक जानकारी के लिए कृषि उप-निदेशक कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर