गुरुग्राम: बच्चों ने अरावली में प्रकृति संवाद यात्रा कर संरक्षण का लिया संकल्प
जमुना ऑटो के सहयोग से नवकल्प फाउंडेशन ने कराई यह यात्रा
नौ कल्पों को सहेजने, संरक्षित करने का काम करती है नवकल्प फाउंडेशन
गुरुग्राम, 24 मार्च (हि.स.)। विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर मंगलवार को नवकल्प फाउंडेशन द्वारा अरावली पहाडिय़ों में प्रकृति संवाद यात्रा आयोजित की गई। इस यात्रा में सुचेता मेमोरियल स्कूल गुरुग्राम के बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझा। साथ स्वच्छता एवं संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को पहाड़, जंगल, वन्य जीव, जल स्रोत और पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। बच्चों ने न केवल प्रकृति को नजदीक से देखा, बल्कि उसके संरक्षण का संकल्प भी लिया। यात्रा के दौरान एक विशेष गतिविधि भी आयोजित की गई, जिसमें बच्चों ने बायोडिग्रेडेबल थैलियों में अरावली क्षेत्र में फैले कचरे को एकत्रित किया। इस पहल के माध्यम से उन्हें स्वच्छता का संदेश दिया गया कि प्राकृतिक स्थलों को साफ रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। बच्चों ने यह भी संकल्प लिया कि वे स्वयं भी पर्यावरण को स्वच्छ रखेंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।
नवकल्प फाउंडेशन के महासचिव डॉ. सुनील आर्य ने बच्चों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि जंगल और पर्यावरण का संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे प्रयासों के माध्यम से प्रकृति की रक्षा में योगदान दें। कार्यक्रम में जमुना ऑटो से अनिल भारद्वाज, दीपांशु गोला, अक्षिता आर्य और डॉ. ऋतम आर्य भी पस्थित रहे और उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन किया। प्रकृति संवाद यात्रा के अंत में बच्चों ने सामूहिक रूप से शपथ ली कि वे न तो स्वयं पर्यावरण को गंदा करेंगे और न ही किसी अन्य को ऐसा करने देंगे। साथ ही उन्होंने जंगलों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। आयोजकों का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों को प्रकृति से जोडऩा और उनमें जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। विश्व वानिकी दिवस पर आयोजित यह पहल एक संदेश देती है कि यदि जंगल और प्रकृति सुरक्षित रहेंगे, तभी मानव जीवन भी सुरक्षित रह सकेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर