गुरुग्राम: काला खैरामपुर गैंग के दिनेश को साइप्रस से डिपोर्ट कर लायी एसटीएफ

 


-आरोपी हिसार में महिंद्रा शोरूम पर फायरिंग का है मुख्य साजिशकर्ता

गुरुग्राम, 12 जून (हि.स.)। हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने संगठित अपराध के खिलाफ अभियान में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। एसटीएफ शुक्रवार को कुख्यात काला खैरामपुर गैंग के सक्रिय सदस्य दिनेश को साइप्रस से डिपोर्ट कराकर भारत वापस लाया है। वर्ष 2026 में स्ञ्जस्न हरियाणा द्वारा कराई गई यह 11वीं प्रत्यर्पण कार्रवाई है।

बता दें कि 29 वर्षीय दिनेश पुत्र सुशील कुमार हिसार जिले के आदमपुर खंड के गांव खैरामपुर का रहने वाला है। वह काला खैरामपुर गैंग का सक्रिय सहयोगी है। साथ ही हिमांशु भाऊ गैंग से भी जुड़ा हुआ है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक काला खैरामपुर गैंग में करीब 38 सदस्य हैं। गैंग सरगना काला खैरामपुर के खिलाफ हत्या, टारगेट किलिंग, हत्या का प्रयास, रंगदारी और अवैध हथियारों से जुड़े 26 मामले दर्ज हैं। यह गैंग हिसार, सोनीपत, भिवानी, पानीपत, सिरसा, फतेहाबाद, गुरुग्राम और राजस्थान में सक्रिय है। एसटीएफ के अनुसार, दिनेश उर्फ मिट्टू वर्ष 2024 में हिसार स्थित महिंद्रा शोरूम पर रंगदारी के लिए की गई फायरिंग का मुख्य साजिशकर्ता था। इस मामले में थाना सिटी हिसार में केस दर्ज है। उसके खिलाफ ओपन-डेटेड गिरफ्तारी वारंट जारी था। एसटीएफ की जांच में सामने आया कि दिनेश 2020 में भारत छोडक़र साइप्रस भाग गया था और पासपोर्ट पर वहां रह रहा था। साइप्रस में बैठकर वह डब्बा कॉलिंग नेटवर्क के जरिए रंगदारी के लिए धमकी भरे फोन करवाता था। एसटीएफ के अनुसार, इस तकनीक का इस्तेमाल गैंग सरगनाओं और सदस्यों की पहचान व लोकेशन छिपाने के लिए किया जाता था ताकि विदेश में बैठे अपराधी कानून प्रवर्तन एजेंसियों की निगरानी से बच सकें। दिनेश नए युवाओं को गैंग में भर्ती करने और जमीनी स्तर के अपराधियों व गैंग नेतृत्व के बीच समन्वय का काम भी करता था। दिनेश की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ ने लुक आउट सर्कुलर जारी करवाया और भारतपोल के जरिए इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस के लिए आवेदन किया। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से सूचना मिलने पर पता चला कि वह साइप्रस में है, जिसके बाद डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू की गई।

एसटीएफ हरियाणा ने 2026 में अब तक 11 गैंगस्टर और गैंग सदस्यों को डिपोर्ट/प्रत्यर्पित कराया है। इनमें लॉरेंस बिश्नोई और रणदीप मलिक गैंग के चार सदस्य, रोहित गोदारा गैंग का एक सदस्य, हिमांशु भाऊ गैंग का दिनेश मिट्टू, वैनकेट गर्ग गैंग का सरगना वैनकेट गर्ग, भूप्पी राणा गैंग का एक सदस्य, कौशल गैंग का एक सदस्य और दो अन्य अपराधी शामिल हैं। एसटीएफ ने दोहराया कि वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर फरार अपराधियों को पहचानने, तलाशने और उन्हें कानून के कटघरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर