गुरुग्राम: एसआईआर के तहत दावों एवं आपत्तियों की प्रगति की हुई समीक्षा

 


-नोटिस जारी करने और सुनवाई की प्रक्रिया समानांतर रूप से चलाने पर दिया जोर

गुरुग्राम, 17 अगस्त (हि.स.)। विधानसभा पटौदी के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी एवं एसडीएम दिनेश लुहाच ने सोमवार को उपमंडल कार्यालय में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत दावों एवं आपत्तियों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी तथा संबंधित सुपरवाइजर मौजूद रहे।

एसडीएम दिनेश लुहाच ने अधिकारियों से अब तक प्राप्त दावों एवं आपत्तियों की स्थिति, उनके सत्यापन तथा निस्तारण की प्रगति के संबंध में विस्तार से जानकारी ली।

उन्होंने क्षेत्रवार लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि एसआईआर से संबंधित सभी कार्य निर्धारित प्रक्रिया एवं निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी गंभीरता के साथ किए जाएं। एसडीएम दिनेश लुहाच ने निर्देश दिए कि संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि दावों एवं आपत्तियों के मामलों में नोटिस देने तथा सुनवाई की प्रक्रिया समानांतर रूप से चले, ताकि मामलों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब न हो।

उन्होंने कहा कि नोटिस जारी होने के बाद संबंधित मामले की सुनवाई की कार्रवाई निर्धारित समय-सीमा के भीतर आगे बढ़ाई जाए और प्रत्येक मामले की नियमित रूप से निगरानी की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का आवश्यक दस्तावेजों और उपलब्ध रिकॉड्र्स के आधार पर नियमानुसार सत्यापन किया जाए तथा पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल करने और अपात्र मामलों पर नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से पूरी की जाए।

एसडीएम ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, नवीनतम एवं त्रुटिरहित बनाना है। इसलिए सभी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक दावे एवं आपत्ति का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित नहीं रहना चाहिए और साथ ही मतदाता सूची की शुद्धता एवं विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए प्राप्त आपत्तियों पर भी गंभीरता से कार्रवाई की जाए।

एसडीएम ने सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों एवं सुपरवाइजरों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र की प्रगति पर लगातार नजर रखें, लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाएं तथा एसआईआर से संबंधित रिकॉर्ड एवं कार्रवाई का व्यवस्थित रूप से रख रखाव सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और निर्धारित समय-सीमा का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर