गुरुग्राम: राष्ट्रसेवा में समर्पित रहा डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन: विनोद तावड़े
-गुरुग्राम भाजपा कार्यालय में मनाई गई डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125 जयंती
गुरुग्राम, 05 जुलाई (हि.स.)। डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती रविवार को गुरुग्राम स्थित भाजपा कार्यालय गुरुकमल में भव्यता के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े और प्रदेश अध्यक्ष डा. अर्चना गुप्ता ने डा. मुखर्जी के जीवन पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी ने की। इससे पहले जिला अध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी ने राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े और प्रदेश अध्यक्ष डा. अर्चना गुप्ता का कार्यालय पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया।
अपने संबोधन में राष्ट्रीय महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद विनोद तावड़े ने कहा कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता दीपक की तरह स्वयं तपकर समाज और राष्ट्र के जीवन में प्रकाश फैलाने का संकल्प लेकर कार्य करता है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जनसंघ पार्टी का चुनाव चिन्ह दीपक चुना था, क्योंकि दीपक स्वयं जलकर दूसरों के जीवन में उजाला करता है। यही भावना भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता की होनी चाहिए कि वह अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर गरीब, वंचित और राष्ट्र के लिए कार्य करें।
डा. मुखर्जी ने आत्मनिर्भर भारत की औद्योगिक नींव रखी: डा. अर्चना गुप्ता
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. अर्चना गुप्ता ने कहा कि स्वतंत्र भारत के प्रथम उद्योग मंत्री के रूप में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश के औद्योगिक विकास की मजबूत आधारशिला रखी। डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने उद्योग, रेलवे, विमानन, ऊर्जा और भारी उद्योग जैसे क्षेत्रों के विकास को नई दिशा दी। उनके कार्यकाल में हिंदुस्तान एयरक्राफ्ट फैक्ट्री, दामोदर घाटी निगम तथा इस्पात संयंत्रों जैसी अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं की शुरुआत हुई, जिन्होंने आधुनिक भारत के औद्योगिक ढांचे को मजबूती प्रदान की।
डा. मुखर्जी के विचारों को साकार कर रही सरकार: डा. सुधा यादव
केंद्रीय संसद बोर्ड की सदस्य एवं पूर्व सांसद डॉ. सुधा यादव ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रवाद, भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय स्वाभिमान के लिए समर्पित रहा। डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने राष्ट्रहित से कभी समझौता नहीं किया। जब उन्हें लगा कि तत्कालीन सरकार राष्ट्रीय हितों से समझौता कर रही है तो उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देकर सिद्धांतों को प्राथमिकता दी। उन्होंने एक देश में दो विधान, दो निशान और दो प्रधान नहीं चलेंगे का उद्घोष करते हुए अपना सर्वाेच्च बलिदान दिया। जिला अध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी ने राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता सहित सभी वरिष्ठ नेताओं का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन, संघर्ष और विचारधारा का गंभीर अध्ययन करना चाहिए, क्योंकि उनका जीवन राष्ट्रसेवा, सिद्धांतों और त्याग का अनुपम उदाहरण है।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर